झालू में 45 दिन में 100 लोगों की मौत
झालू (बिजनौर)। कस्बा झालू में बुखार और संक्रामक बीमारियों ने ऐसा कहर बरपाया कि मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कस्बे में 45 दिन के अंदर करीब सौ लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकांश मौतें ऑक्सीजन स्तर गिरने, बुखार और अन्य संक्रामक बीमारियों के कारण हुई हैं। इनमें कोरोना के मरीज भी शामिल हैं। अधिकतर लोग कोरोना पॉजिटिव होने के डर से बिना जांच कराएं निजी चिकित्सकों से अपना उपचार कराते रहे।
झालू में शनिवार की रात्रि व्यापारी नितिन अग्रवाल (38) की कोरोना संक्रमित होने से मौत हो गई है। उन्हें 15 दिन पहले बुखार आया था। जांच में कोरोना पॉजिटिव आने पर उन्हें मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। सचिन (34) कोरोना संक्रमित होने के कारण 15 दिन से बिजनौर के निजी अस्पताल में भर्ती रहने के बाद मौत हो गई। आदेश (40) की कोरोना संक्रमित होने के बाद मौत हो गई। संतोष देवी (60), सादमा (50), शबाब खातून (32) की कोरोना लक्षण होने से मौत हुई। सगीर (60), मुनीर (65), रामसुमंनी (75), डोली (35), शफीक (75), वकील अहमद (85), नसीरुद्दीन (60), फैमिद (50), कालू (67), कय्यूम (75), शकील (75), नाजमा (65), सरवरी (60), फिरोजा (80), बुद्धू (85), गुड्डो (45), शकील कुरैशी (48), सरवरी (90) की बुखार आने के बाद मौत हो गई।
रामजानो (65), राजपाल सिंह (70), शकील (46) नईमा (60), सईदुल हसन (65), मुन्नी (75), मुन्नू (55), शफीक अहमद (85), फरीदा (65), उजमा (30), मीनू (35), फरीद (70), खुशनूद (72), मनदीप (30), क़ुतुब चंद (70), रानी (45), नईमा (55), तहजीब फात्मा (60), सईदुल इस्लाम (55), राजपाल (65), कृष्णा देवी (55) वर्ष की ऑक्सीजन का स्तर गिरने और सांस लेने में दिक्कत होने के कारण मौत हो गई। संजय (45), राजो (55), मुन्नी (75), असमत जहाँ (70), मेहर सिंह (61), हरि प्रकाश सोती (80), संजय (42), करन सिंह (80), जाकिर (40) वर्ष की बीमारी के चलते मौत हो गई है। यह कुछ ही नाम है, संख्या इससे कहीं ज्यादा है। नगर में इतनी मौत होने के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग अंजान बना हुआ है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झालू के डॉक्टर अमजद का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते नगर के पीएचसी झालू में तैनात डॉक्टर चारुल मौर्य व उनकी ड्यूटी हल्दौर अस्पताल में कोविड-19 विभाग में लगाई गई है। जिस कारण पीएचसी में ओपीडी सुविधा बंद है।
मोहल्ला मौलवियान, मंदिरवाला में ज्यादा मौत
सभासद पति कासिफ हुसैन, सभासद नवनीत अग्रवाल एवं नगर के नागरिक जावेद अहमद, मोहम्मद उस्मान, शाहनवाज, मोहम्मद आदिल, सगीर अहमद, वरुण, सुमित, कल्लू, आदि का कहना है कि नगर में दिन-प्रतिदिन मौत का सिलसिला जारी है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झालू 20 दिन से बंद होने के कारण लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है तथा भटक कर अपने निजी स्तर पर निजी चिकित्सकों से घर पर ही उपचार कराना पड़ रहा है। मोहल्ला मौलवियान, मंदिरवाला में ज्यादा मौतें हुई हैं। सभासद कमरुल हसन का कहना है कि नगर के लोगों को सरकारी चिकित्सा सुविधाएं न मिल पाने के कारण नगर में मौतों का सिलसिला जारी है। ज्यादातर मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है, जिसके चलते नगर में मौत हो रही हैं।
लोगों को नहीं मिल रहीं स्वास्थ्य सेवाएं : चेयरमैन
नगर पंचायत चेयरमैन शहजाद अहमद का कहना है कि नगर में कोरोना व बुखार के कारण एक से डेढ़ माह में करीब सौ मौत हो गई हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झालू पर ओपीडी सुविधा उपलब्ध न होने के कारण लोगों को उपचार के लिए इधर उधर भागना पड़ा। अधिकतर लोगों को ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण उनकी मौत हो गई है। कस्बेवासियों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए, उन्होंने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन मंगवाई है, जो ऑक्सीजन को ऑटोमेटिक जेनरेट करती है।
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हल्दौर के एमओआईसी से बात करके वहां टीम भेजी जाएगी और सर्वे कराया जाएगा। मौत का कारण चाहे जो रहा हो, यदि लोग बीमार हैं तो उपचार की व्यवस्था होगी। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं होगी। मंगलवार को ही टीम वहां जाएगी - डॉ. विजय कुमार गोयल, सीएमओ बिजनौर