बिजनौर में शासन ग्राम पंचायतों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। अब प्रधानों के दबे हुए भ्रष्टाचार के कारनामे बाहर आएंगे। शासन ने ग्राम पंचायतों का स्वतंत्र तकनीकी परीक्षण कराने का निर्णय लिया है। तकनीकी परीक्षण कमिश्नर की अध्यक्षता वाली चार सदस्य टीम करेगी। पहले चरण में जिले की दस बड़ी ग्राम पंचायतों को लिया गया है। शासन के इस कदम से निवर्तमान और वर्तमान ग्राम प्रधानों में हड़कंप मचा है। प्रशासन तकनीकी जांच की व्यवस्था करने में जुटा है।
डीपीआरओ मनीष कुमार के अनुसार शासन को ग्राम पंचायतों में धांधली की शिकायत मिल रही थी। शासन स्तर से मामले की गंभीरता को समझते हुए जिले से गोपनीय आख्या मंगवाई गई। जिसके बाद ग्राम पंचायतों के पिछले तीन सालों के विकास कार्यों की तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया। इसके अंतर्गत प्रदेश की 750 ग्रामपंचायतों को पहले चरण में लिया गया। पहले चरण में 10 हजार से अधिक मतदाताओं वाली ग्रामपंचायत शामिल हैं। जिले की 10 से 15 हजार वोटर वाली ग्रामपंचायत पहले चरण में ली गई हैं।
नूरपुर ब्लाक की ताजपुर ग्राम पंचायत जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। इस अभियान में परीक्षण करने वाली समिति योजना 2011 के अंतिम वर्ष के एवं चालू पंचायत योजना के अब तक के विकास कार्यों की मौके पर जाकर जांच करेगी। टीम सड़क, मकान, शौचालय, अन्य विकास कार्यों की गुणवत्ता जांचेगी। शासन द्वारा ऐसा कदम पंचायती राज विभाग में पहली बार उठाया गया है। इस निर्णय से वर्तमान और निवर्तमान ग्राम प्रधान बेचैन हैं और विकास भवन के चक्कर लगा रहे हैं। निर्देशक पंचायती राज विभाग ने डीपीआरओ को प्रभावी तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
इन पंचायतों का होगा परीक्षण
तहसील ब्लाक ग्राम पंचायत
बिजनौर मोहम्मपुर देवमल तैमूरपुरदीपा
बिजनौर हल्दौर मुकरपुर खेमा
धामपुर अल्हैपुर मोहम्मदपुर जैतरा
चांदपुर नूरपुर राजा का ताजपुर
नजीबाबाद नजीबाबाद भागूवाला
नजीबाबाद नजीबाबाद ततारपुर
नगीना कोतवाली देहात कोतवाली देहात
नगीना कोतवाली देहात हाजी मोहम्मदपुर कोट
नगीना कोतवाली देहात टांडा माईदास
धामपुर अफजलगढ़ सीरवासुचंद