जिला मुख्यालय से गोपीगंज तक बनने वाले फोरलेन के चक्कर में सालों से खून पसीने के बनाए आशियाने को खुद ही गिरा रहे हैं।
प्रशासन की सख्ती के आगे उनकी एक न चली। ज्ञानपुर में दर्जन भर व्यापारी अपने मकानों का एक हिस्सा गिराकर उसे बनवाने में जुट गए हैं।
ज्ञानपुर जिला मुख्यालय सरपतहां से गोपीगंज तक 14 करोड़ की लागत से फोरलेन का निर्माण प्रगति पर है। लोक निर्माण विभाग के सर्वे में ज्ञानपुर और गोपीगंज के करीब 40 परिवारों के मकान का अगला हिस्सा प्रभावित हो रहा है।
सड़क के मध्य से सात-सात फीट दोनो तरफ खाली करने का निर्देश दिया गया है। लोक निर्माण विभाग ने व्यापारियों को कहा था कि अतिक्रमण को खुद हटाएं अन्यथा विभाग गिराएगा तो उसका हर्जाना भी लेगा।
विभाग की सख्ती के अलावा बुलडोजर से बनाए गए मकान क्षतिग्रस्त होने को लेकर व्यापारी खुद ही तोड़कर दुरूस्त करा रहे हैं। ज्ञानपुर के अनिल श्रीवास्तव, शिव प्रसाद समेत करीब दर्जन भर लोग अपने बने मकानों को तोड़कर समेट रहे हैं।
हालांकि प्रशासन की इस कार्रवाई से व्यापारियों में काफी नाराजगी है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि सरकारी जमीन पर जिन लोगों ने अतिक्रमण किया है उन्हीं का तोड़ा जाएगा। जो व्यापारी अतिक्रमण नहीं किए हैं उनका सुरक्षित रहेगा।