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Bhadohi News: जी सर...यस सर... में बीता संपूर्ण समाधान दिवस, 96 में केवल 14 का निस्तारण

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हर बार की तरह इस बार भी तहसीलों में आयेाजित संपूर्ण समाधान दिवस जी सर... यस सर... में बीत गया। तहसील पहुंचे फरियादियों ने अपनी शिकायतें सुनाईं तो जिम्मेदार अधिकारी इधर-उधर झांकते नजर आए। कई फरियादी दर्जनों शिकायतों का समाधान न होने का आरोप लगाए। तीनों तहसीलों में 96 शिकायतें पहुंची, जिसमें केवल 14 का निस्तारण हो सका। शेष शिकायतों को विभागवार टीम गठित कर एक सप्ताह के भीतर निस्तारित करने का निर्देश दिया गया। अधिकतर मामले राजस्व संबंधी आए।
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तहसील भदोही में अपर जिलाधिकारी कुंवर वीरेंद्र मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी, एएसपी डॉ. तेजबीर सिंह और उप जिलाधिकारी ज्ञानपुर भान सिंह की अध्यक्षता में शिकायतें सुनी गईं। तहसील में बाल विकास पुष्टाहार विभाग, आयुष्मान गोल्डन कार्ड, परिवार नियोजन, समाज कल्याण विभाग आदि के कैंप का अधिकारियों ने अवलोकन किया। यहां कुल 45 शिकायतें आईं, जिसमें पांच का निस्तारण किया गया।
वहीं 40 शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। एडीएम ने अधिकारियों से कहा कि प्रार्थना पत्रों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण ढंग से एक सप्ताह केे अंदर कराएं। उन्होंने कहा कि राजस्व और जमीन से जुड़े मामले के निस्तारण के लिए मौके पर जाकर जांच करें। इस मौके पर सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक, डीआईओएस अंशुमान, बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह, डीडी कृषि डॉ. अश्वनी सिंह, कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय आदि रहे।
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ज्ञानपुर तहसील में एडीएम न्यायिक ने लोगों की शिकायतें सुनीं। यहां कुल 24 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें चार निस्तारित हुए। अन्य शिकायतों का निस्तारण संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर करने के निर्देश दिए। वहीं औराई में एसडीएम बरखा सिंह ने जन शिकायतें सुनीं। यहां कुल 27 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें पांच का निस्तारण किया गया।

बोले फरियादी
केस वन- ज्ञानपुर तहसील के वीरभद्र पट्टी निवासी अच्छे लाल बिंद ने बताया कि गांव में उनके घर जाने वाले रास्ते में दबंग लोग कब्जा कर लिए हैं। इसे लेकर तीन बार तहसील और दो बार थानों में पत्रक दिया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है। हर बार केवल आश्वासन मिलता है।
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केस दो- दानूपुर पुरब पट्टी निवासी राधे मोहन बिंद ने बताया कि निर्वाचन कार्ड और आधार कार्ड में नाम संशोधन को लेकर उन्होंने कई बार विभागीय चक्कर काटे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। तीन बार समाधान दिवस में पत्रक भी दे चुके हैं। बीते एक साल से वह इसके लिए परेशान हैं, लेकिन केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
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