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बारिश से मड़ाई का कार्य रुका

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अभोली गांव में बारिश से भीगी सड़क। संवाद - फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर/दुर्गागंज। मंगलवार की देर रात एक बार फिर मौसम ने करवट लेकर छिटपुट बारिश से मड़ाई कार्य को प्रभावित कर दिया। तटवर्ती कोनिया क्षेत्र में बारिश का असर न होने से किसानों की जल्दबाजी खेतों में दिखी तो उत्तरी क्षेत्र में सड़कों से लेकर खेतों तक नमी चिंता का कारण बनी रही।
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प्रभावित क्षेत्र अभोली, दानूपुर, अर्जुनपुर, भौथर, हरि करनपुर, सरायकंसरा, छनौरा, पट्टीबेजावं के किसान रमाकांत यादव, विशंभरनाथ दुबे, संतोष दुबे, रमेश बिंद, रामकुमार गौतम आदि ने बताया कि तीन सप्ताह से किसान मौसम की मार सह रहे हैं। मंगलवार तक मड़ाई मात्र 60 फीसद ही हो सकी है। 40 फीसद तक फसल खेत में है या खलिहान में। मंगलवार की रात में तेज हवा के साथ हुई ओलावृष्टि बड़ी होनी की चिंता में डूबा दिया लेकिन रात में हुई छिटपुट बारिश कुछ देर बाद बंद हो गई। बारिश से सुबह सड़कों के किनारे कीचड़, जलजमाव, मड़ाई के बाद खेतों में भूसा आदि भीग गए।
जिले के तटवर्ती कोनिया क्षेत्र दरवांसी, सोनपुर-कटरा, रजमला, डीघ-अरई, उपरवार, कोइरौना, गोलखरा, बसहीं, कलिंजरा, गोपालापुर, खेदौपुर, इटहरा, बारीपुर, मझगवां, मठहां, छेछुआं-भुर्रा, कलिकमवैया, कूड़ीखुर्द, भदरांव, कूड़ीकला आदि गांवों में बारिश का असर न होने से किसान अपने दिनचर्या में व्यस्त रहे। आठ अप्रैल को आए आंधी ने लघु एवं सीमांत किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया है। मंगलवार को रात में बारिश के बाद बुधवार को देर शाम तक आसमान से बादल छाए रहे जो तक बारिश और आंधी का संकेत दे रहे हैं। किसानों ने कहा कि यदि एक बार और मौसम ने करवट ले लिया तो बची आस भी बर्बाद होने में देर नहीं करेगी। सबसे अधिक चिंता पालतू पशुओं की है जिन्हें वर्ष भर के लिए चारे का संकट खड़ा करने में समय नहीं लगेगा। अन्न के साथ पशु चारे के व्यापार में लगे व्यापारी गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी मनमानी दर पर मोलभाव कराएंगे। मौसम विशेषज्ञ सर्वेश कुमार ने किसानों को जल्दबाजी दिखाकर खेतीबारी को निबटाने की हिदायत दी है।
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