ज्ञानपुर। जिले में महिला स्वयं सहायता समूह की 10 सदस्यों का नमो ड्रोन दीदी योजना में चयन हुआ है। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली महिलाएं अब ड्रोन उड़ाने के लिए तैयार हो गई है। जल्द ही वह गांव-गांव ड्रोन उड़ाकर फसलों पर कीटनाशक और खाद का छिड़काव करेंगी।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह का गठन कर महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। बिजली, पूर्ति, स्वास्थ्य, पंचायत राज समेत अन्य विभागों से जुड़कर महिलाएं काम कर रही हैं। कृषि विभाग से ऐसी महिलाओं को जोड़कर ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया गया है। ड्रोन से फसल निगरानी तथा कीटनाशक एवं उर्वरक छिड़काव कर किराया वसूलने से न केवल महिलाओं की स्वरोजगार की राह आसान होगी, बल्कि किसानों के खेतों तक आधुनिक तकनीक पहुंचेगी। ड्रोन से न केवल महिलाओं को स्वरोजगार का मौका मिलेगा बल्कि फसलों की निगरानी कीटनाशक एवं उर्वरकों के छिड़काव आदि कार्य समय से होने से कृषि उत्पादकता बढ़ेगी। ड्रोन तकनीक उपयोग कर कीटनाशकों एवं उर्वरकों का सटीक और कुशल तरीके से उपयोग हो सकेगा। इससे खेती की लागत कम होगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूती होगी।
सात समूह की 10 महिला सदस्यों ने ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया है। जल्द ही वह गांव-गांव ड्रोन के माध्यम से दवाओं का छिड़काव करेंगी। -अनुराग राय, उपायुक्त स्वरोजगार
इनका हुआ चयन
समूह का नाम महिला का नाम
मां विंध्यवासिनी समूह सरोजा देवी
मां शीतला समूह संगीता गौड़
अल्का समूह प्रियंका व मिथिलेश कुमारी
दुर्गा समूह मीना मौर्य और आशीष
नैना समूह चंद्रावती
श्रद्धा वाहिनी समूह सुमन देवी
पायल समूह शशिकला और रीना देवी