ज्ञानपुर। न्यायालय में बीते तीन दशक से चल रहे स्टे ऑर्डर का उल्लंघन करने के मामले में सिविल जज जूनियर डिवीजन बलराम पंवार की अदालत ने दोषी राजेश और मटरू की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने दोनों दोषियों को 30 दिन सिविल कारावास की सजा सुनाई है। मुकदमा प्रतिवादी संचू और सुक्खन की मौत होने पर मुकदमे से मुक्त कर दिया। कलनुआ निवासी गुलाबदेई ने अदालत में भूमि पर कब्जा लेने में व्यवधान उत्पन्न करने का साल 1990 में मुकदमा किया था। सुनवाई के उपरांत कोर्ट ने 12 फरवरी 1990 को स्टे ऑर्डर पास करके पालन करने का निर्देश दिया। वादी ने साल 1992 में अदालत में वाद दाखिल कर विपक्षी संचू, सुक्खन, राजेश व मटरू पर स्थगन आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाकर दंडित किए जाने की गुहार लगाई।
अदालत के आदेश पर नियुक्त कमीशन ने मौका मुआयना कर नक्शा नजरी व रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत किया। कमीशन की रिपोर्ट व गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने चारों को अदालत के निर्देश का उल्लंघन करने का दोषी पाया। संवाद