चौरी के धनवतिया में तिरंगा बनाकर रखी समूह की महिलाएं। फाइल फोटो
ज्ञानपुर। हर घर तिरंगा अभियान में समूह की महिलाओं ने झंडे बनाकर तीन लाख रुपये का कारोबार किया। अभियान के लिए विभाग से महिलाओं को एक लाख 25 हजार झंडे बनाने का लक्ष्य मिला था। वहीं 25 हजार से अधिक झंडे उन्होंने फुटकर में बिक्री किए। इसमें दो समूहों की 50 से अधिक महिलाओं ने मेहनत की।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। उसी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन भी शामिल है, जिसमें मेहनती महिलाओं को जोड़कर उन्हें स्वरोजगार का मौका दिया जाता है। जिले में अब तक करीब आठ हजार समूहों में 80 हजार महिलाओं को जोड़ा गया है। अगरबत्ती, धूपबत्ती समेत अन्य उत्पादों का निर्माण कर समूह की महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। कृषि, पूर्ति, जल जीवन मिशन, पंचायत राज समेत अन्य विभागों से जुड़कर वे खुद को सशक्त बना रही हैं। पिछले दिनों हर घर तिरंगा अभियान में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने 15 दिनों की मेहनत में करीब तीन लाख की कमाई की। इसमें राजप्रभा आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह धनवतिया और महादेवा स्वयं सहायता समूह चकचंदा की महिलाओं ने एक लाख 25 हजार झंडे बनाए। इसके अलावा 25 हजार अतिरिक्त तिरंगे की बिक्री की। महिलाओं ने सिलाई में न सिर्फ अपना हुनर दिखाया बल्कि राष्ट्रप्रेम की भावना भी जगाई। कपड़ा काटना, सिलाई करना और पैकिंग तक सारा कार्य स्वयं किया। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने तीन साइज में तिरंगे बनाए। महिलाओं ने बड़े स्तर पर झंडे बनाकर अपने स्वावलंबन की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी करिश्मा, गीता देवी ने बताया कि उनके समूह को झंडा बनाने का लक्ष्य मिला था। पूरा मैटीरियल अपने पास से लगाया। विभाग से एक लाख 25 हजार झंडे बनाने का लक्ष्य मिला था। उसे पूरा करने के साथ ही एक लाख झंडे अलग से बनाए। एक झंडा बनाने में कपड़ा सहित सिलाई की लागत करीब 18 रुपये पड़ी लेकिन तिरंगा बनाना गौरव की बात है। एक झंडे पर दो रुपये की कमाई हुई है।
उपायुक्त एनआरएलएम अनुराग राय ने बताया कि महिलाओं को प्रति झंडा के हिसाब से 20 रुपये का भुगतान किया जाएगा। महिलाओं ने तिरंगा बनाकर तीन लाख की कमाई की। एक सप्ताह के भीतर समूहों को भुगतान कर दिया जाना है। कुछ को भुगतान कर दिया गया है। जो बचे हैं, उन्हें जल्दी ही भुगतान किया जाएगा।