रोते- बिलखते पति को ढांढस बंधातीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
इधर, पांच बजे सुनील जब कमरे में पहुंचा तो पत्नी को ढूंढने लगा। उसने उसके मोबाइल पर फोन किया तो पता चला कि जीतनारायण के पास मोबाइल है। जीतनारायण ने बताया कि तालाब के पास उसे मोबाइल मिला। जिसके बाद सभी लोग तालाब की तरफ दौड़ पड़े। तालाब के पास महिला के चप्पल पड़े थे। इससे परिवार के लोग बदहवास हो गए। पुलिस को सूचना दी गई। गांव के कुछ लोग तालाब में उतर कर ढूंढ़ने लगे। इसके बाद दिव्यांश का शव तालाब में मिला। उसके बाद बारी-बारी सभी के शव निकाले गए।
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तालाब में मां और बच्चों की तलाश करते गोताखोर।
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अन्नू को को बच्चों के साथ जाते हुए देखने वाली पड़ोसी अमृता बिलखते हुए कहती है कि हमरा से बड़ी गलती हो गईल, काश बचवा लोगन के हम रोक लेईत तो उनकी जिंदगी बच जाईत। अबहीं ऊ जीवन में कुछ देखे नाहीं रहलन। अमृता ने बताया कि भोर में अन्नु दोनों बेटों का हाथ पकड़ी थी और बेटी हाथ में पानी का बोतल लेकर आगे चल रही थी। यह देख लगा कि शौच के लिए जा रही है।
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घटनास्थल पर पहुंचे गांव के युवाओं ने करीब आठ से नौ घंटे तक रेस्क्यू करने के बाद शव को काफी मशक्कत से बाहर निकाला। घटना की जानकारी पर मिश्राइनुपर, रामपुर, शेरपुर और दुर्गागंज जैसे गांवों के मल्लाह पहुंचे। वे पानी में उतरे और शवों को खोजना शुरू किया।
स्थानीय लोगों का कहना था कि अन्नू के दिमाग में जरूर कुछ न कुछ चल रहा था। इसलिए वह अपने छह साल के बेटे दिव्यांश जो अपने नाना आनंदडीह बसावनपुर निवासी शीतला प्रसाद यादव के यहां गया हुआ था। बुधवार की शाम अन्नू ने जबरदस्ती फोन कर उसे घर बुलाया। कहा कि दादी को पानी देने के लिए उसे भेज दीजिए। दिव्यांश के नाना ने ही उसे घर पहुंचाया था। बेटी के साथ नातिन व नाती को खोने वाले शीतला के भी आंखों के आंसू नहीं थम रहे थे।