ज्ञानपुर के दुर्गागंज तिराहे पर शराब की दुकान के सेल्समैन को समझाते पुलिसकर्मी।
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ज्ञानपुर। करीब चालीस दिन के लंबे इंतजार के बाद लॉकडाउन-3 में शराब की दुकानें सोमवार को खुलीं, लेकिन मदिरा के शौकीनों को जिले में झटका लगा। कुछ दुकानों को छोड़कर अधिकतर के पास स्टॉक ही नहीं था, जिससे तमाम शौकीनों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
कोरोना वायरस महामारी को लेकर 24 मार्च से देश में लॉकडाउन है। पूरे देश में शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई। इससे शराब के शौकीनों को जहां परेशान होना पड़ा, वहीं सरकार को भारी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। तीसरे लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शराब की दुकानें खोलने का आदेश दिया गया। सोमवार को उक्त आदेश का पालन भी हुआ। जिले की सभी देशी, अंग्रेजी और बीयर की दुकानें खुली, लेकिन अधिकतर के पास स्टॉक ही नहीं था। आबकारी विभाग का मानना है कि मार्च क्लोजिंग में स्टॉक कम रहता है। अब धीरे-धीरे गोदामों से शराब दुकानों पर भेजी जाएगी।
विभाग भले ही कुछ कहे लेकिन अंदरखाने की यही चर्चा कि लॉकडाउन में दुकानदारों ने शराब के शौकीनों से मनमानी पैसे लिए। 200 से 250 रुपये में बिकने वाली शराब को 500 से 700 रुपये में बेचा दिया। आबकारी अधिकारी आरपी चौहान ने कहा कि लॉकडाउन के कारण ग्रामीण अंचलों में लोग दुकानों पर नहीं पहुंच सके। मार्च क्लोजिंग का समय होने से स्टॉक की कमी रही।