एक अप्रैल से जिले में गेहूं की खरीद के लिए 20 क्रय केंद्र खोल दिए गए, लेकिन किसानों के नहीं पहुंचने के कारण क्रय केंद्रों पर सन्नाटा छाया रहा। पांचवें दिन मंगलवार को औराई के समधा क्रय केंद्र पर एक किसान से खरीद करके बोहनी की गई। बाकी 19 केंद्रों पर पूरे दिन सन्नाटा छाया रहा। उधर, तहसील स्तरीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने ऑनलाइन पंजीकरण के बाद सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया है।
समर्थन मूल्य निर्धारित होने पर जिले में 20 क्रय केंद्रों पर सहयोगी संस्थाओं के साथ एक अप्रैल से खरीदारी का शुभारंभ हुआ है, लेकिन चार दिनों तक एक भी केंद्र पर बोहनी नहीं हो सकी थी। क्रय केंद्र पर आने वाले किसानों को पेयजल, छांव, बोरे की उपलब्धता, पंजीकरण-सत्यापन में आने वाली तकनीकी दिक्कतों को दूर करने में सहयोग करने की व्यवस्थाएं विपणन विभाग ने शुरूआत होने से एक दिन पहले पूर्ण करा लिया था। बीते वर्ष वर्ष 34 हजार टन की खरीद हुई थी, जिसे इस वर्ष तीन हजार टन बढ़ाकर शासन ने 37 हजार टन का लक्ष्य निर्धारित किया है। डिप्टी आरएमओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्रों का निरीक्षण कर खरीदारी को प्रमुखता दी जा रही है। मंगलवार को औराई ब्लाक के समधा केंद्र पर चार किसानों ने टोकन लिया है जिसमें से एक किसान ने लगभग 25 क्विंटल गेहूं की तौल कराया है। खेतों में कटाई-मड़ाई के साथ होने से इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है कि 20 अप्रैल तक खरीदारी तेज होगी।
छह सौ का हुआ सत्यापन, डेढ़ हजार करा चुके हैं पंजीकरण
ज्ञानपुर। जिले में 20 केंद्रों पर 37 हजार एमटी गेहूं क्रय करने के लिए किसानों ने अब तक लगभग 1500 की संख्या में पंजीकरण कराया है। इसमें तहसील औराई, भदोही, ज्ञानपुर से छह सौ किसानों का सत्यापन भी हो चुका है। तहसील स्तर पर खुले दफ्तरों में गहमागहमी सुबह से अपराह्न तक देखने को मिल रही है। डिप्टी आरएमओ देवेंद्र सिंह ने कहा कि छह और केंद्रों को खोलना है।