ज्ञानपुर। कटाई-मड़ाई पूर्ण होने के बाद अब गेहूं की खरीद तेज हो गई है। शुक्रवार तक 25 क्रय केंद्रों पर 12 हजार 500 एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी, हालांकि भंडारण का संकट गहराने लगा है। भदोही और बभनौटी के गोदाम फुल होने से विभाग की समस्या बढ़ गई है। जिससे क्रय केंद्रों पर चार हजार एमटी गेहूं डंप है।
गोपीगंज के ककराही में छह हजार एमटी से अधिक क्षमता का गोदाम चिह्नित किया गया है। जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं है, जितना गेहूं केंद्रों पर आएगा, उतनी खरीद होगी। फसल की कटाई में भी विलंब है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने 25 क्रय खोल दिए हैं। गोपीगंज मंडी के साथ ही ग्रामीण इलाकों और कस्बों में भी केंद्र खोले गए हैं। एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं की खरीद शुरूआत में कटाई-मड़ाई न होने से कच्छप गति से हुई लेकिन मई के पहले सप्ताह से खरीद में तेजी आई। विपणन, पीसीएफ समेत अन्य क्रय केंद्रों पर 12 हजार एमटी से अधिक गेहूं की खरीद हो चुकी है। भंडारण की व्यवस्था न होने से क्रय केंद्रो पर 4200 एमटी गेहूं पड़ा हुआ है।
डिप्टी आरएमओ श्याम कुमार मिश्रा ने बताया कि भदोही के दो और बभनौटी का एक गोदाम फुल हो चुका है। जिससे क्रय केंद्रों पर चार हजार एमटी से अधिक गेहूं रखा है। गोपीगंज के ककराही में 6600 एमटी का गोदाम चिह्नित किया गया है। दो से तीन दिन में क्रय केंद्रों से गेहूं गोदाम में भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक 7800 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया है। जिसमें 6500 किसानों का तहसील से सत्यापन होने से खरीद हो चुकी है। उन्होंने बताया कि क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों को 72 घंटे के अंदर ऑनलाइन पद्धति से भुगतान हो रहा है। शुरूआत में गेहूं की कटाई और मड़ाई न होने के साथ ही कोरोना वायरस के कारण खरीद प्रभावित हुई थी, लेकिन अब तेजी से हो रही है। बताया कि खरीद की समीक्षा के लिए क्रय केंद्रों का जायजा लिया जा रहा है।