सुरियावां। जिले का व्यवसायिक क्षेत्र होने के बाद भी सुरियावां स्टेशन पर न तो बैठने की व्यवस्था है और न ही पानी का इंतजाम। इससे यात्रियों को परेशानी होती है। यहां हर दिन एक दर्जन ट्रेनें रुकती हैं। यात्री सुविधाओं का अभाव होने से यहां यात्रियों को परेशानी होती है।
सुरियावां नगर जिले के प्रमुख व्यवसायिक केंद्रों में से एक है। इसके बाद भी यहां के स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का अभाव है। स्टेशन का प्लेटफार्म एक सालभर से बन रहा है, लेकिन काम की गति काफी धीमी है। प्लेटफार्म पर जगह-जगह इंटरलॉकिंग बैठाया ही नहीं गया है। वहीं स्टेशन का पश्चिमी छोर के प्लेटफार्म की स्थिति भी खराब है। टीन सेड टूटा हुआ है। उसका मलबा प्लेटफार्म पर ही पड़ा है। हैंडपंप एक साल से बंद है। जिससे यात्रियों को पानी की भी परेशानी होती है। प्लेटफार्म एक पर पेयजल टंकी तो लगाई है, लेकिन उसकी टोटी ही नहीं है।
शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं है। कुछ मिलाकर देखा जाए तो यहां न तो ढंग से बैठने की आवश्यकता है और न ही पेयजल की व्यवस्था। प्लेटफार्म दो से उतरने चढ़ने के लिए सीढ़ी भी नहीं बनीं हैं। स्टेशन पर हर दिन एक दर्जन ट्रेनों का स्टापेज होता है। सुरक्षा व्यवस्था भी ठीक नहीं है। स्टेशन अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि समस्याओं के संबंध उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई, जो भी समस्याएं हैं। उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। दूसरी तरफ स्थानीय अवधेश उमर, शेषधर गुप्ता, रामेश्वर प्रसाद उमर, रोहित चौरसिया, अश्वनी साहू, अनिल उमर, राहुल उमर, रवि जायसवाल आदि ने स्टेशन पर व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की है।