चेहल्लुम के मौके पर कई स्थानों पर अखाड़ा प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। फन-ए-सिपहगिरी का शानदार प्रदर्शन करने वाले अखाड़ों को पुरस्कृत किया गया।
इसके पूर्व या हसन या हुसैन की सदाओं संग ताजिया लेकर ताजियादार, अखाड़ेदार आदि लोग कर्बलों पर पहुंचे। चेहल्लूम के मेलों में महिलाओं और बच्चों की खासी तादाद रही। ताजियों के साथ और अखाडों के दौरान लोगों ने मंजरे कर्बल पेशकर इमाम हुसैन समेत 72 शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
इस दौरान लोगों ने खिचड़ा, पुलाव, बिरयानी आदि लजीज पकवानों का लंगर भी बांटा। क्षेत्र के पषढ़ियापुर, सुंदरपुर गांव से ताजिया के निकाले गए जुलूस में बड़ी तादाद में हिंदू मुस्लिम बंधुओं की भीड़ रही। इसी तरह दुर्गागंज क्षेत्र के आनंदडीह में चेहल्लूम ताजिया निकाला गया। यहां पर अखाड़ा प्रतियोगिता हुई। इसके अलावा नगर के खमरिया में परंपरागत ढंग से चेहल्लूम का मेला लगा है। मोढ़ क्षेत्र के भिखारीरामपुर के कर्बला में चार ताजियों के साथ जुलूस पहुंचा। अखाड़ा प्रतियोगिता में भुड़की, मोमिनुपर, जंसा समेत चार अखाड़ों ने फन-ए-सिपहगिरी कला के जरिए जंगी जौहर दिखाए। कार्यक्रम शुभारंभ पूर्व आईजी अमरदत्त मिश्र ने किया। इस मौके पर मोहम्मद हसन, नसीरूद्दीन, शमशेर अंसारी, मोइनुद्दीन, दीनानाथ मिश्र आदि लोग थे। इसी तरह सराय जगदीश, माधोसिंह, चौरी, घोसिया, चौरी, बाबूसराय, दुर्गागंज आदि स्थानों पर भी चेहल्लूम का जुलूस निकाला गया।