आनन-फानन में गेहूं की मड़ाई कराकर घरों में सहेजने में जुट गए हैं। मौसम अगर दगा दिया तो बची खुची खेतीबारी भी चौपट हो जाएगी।
असामान्य हुए मौसम की मार पहले खा चुके किसान काफी सहमे हुए हैं। मार्च महीने में तीन बार बारिश और चक्रवाती तूफान के चलते पहले ही रबी सीजन की गेहूं, चना, मटर, सरसो जैसी फसलें 30 से 40 फीसदी बर्बाद हो चुकी हैं।
प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ओले पड़ने की खबर के बाद शनिवार की रात से आसमान में छाए काले बादलों एवं तेज हवाओं को लेकर किसान परेशान हो गए हैं। रविवार को दिन भर आसमान में काले बादल संग हवा भी चली, हालांकि हवा इतनी तेज नहीं थी कि गेहूं के बोझ उड़ सके लेकिन मौसम को लेकर किसान काफी चिंतित हो गए हैं।
किसानों का मानना है कि अगर बारिश या ओले पड़े तो जो फसल बची है वह भी चौपट हो जाएगी। मौसम के मिजाज को देखते हुए किसान येन, केन प्रकारेण गेहूं की मड़ाई कराकर अन्न को घर में सहेजने में लग गया है।
किसानों की स्थिति को देखकर मड़ाई करने के लिए आ रहे ट्रैक्टर संचालक भी मनमाफिक पैसा ले रहे हैं।
उप निदेशक कृषि डा. आरके मौर्य ने कहा कि मौसम की मार से पहले ही किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। अब बारिश या ओले पड़े तो फसल को भारी क्षति होगी।