शनिवार को सुरक्षाकर्मियों की देखरेख में शुरू हुआ मूल्यांकन रविवार को तेजी पकड़ लिया। करीब 200 परीक्षकों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की 7800 कापियां जांची।
हालांकि दूसरी ओर शिक्षक संगठनों ने भी हार नहीं मानी है। सातवें दिन भी मूल्यांकन केंद्र पर प्रदेश सरकार एवं विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।
रविवार को काफी संख्या में परीक्षक कोठार से उत्तरपुस्तिका लेकर कक्षों में जांचने में जुट गए। मूल्यांकन केंद्र पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती से आंदोलन करने वाले शिक्षक खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं।
धरने में शामिल कुछ शिक्षक विरोध को छोड़कर उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने में लग गए हैं। दिन मेें 10 बजे से शुरू हुआ मूल्यांकन कार्य शाम पांच बजे तक चलता रहा।
करीब 60 टेबलों पर 200 परीक्षकों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की करीब 7800 कापियाें का मूल्यांकन किया। वहीं दूसरी ओर मूल्यांकन केंद्र पर 30 मार्च से चल रहा शिक्षकों का धरना रविवार को भी जारी रहा।
राज्य कार्यकारिणी के सदस्य जगदीश नारायण दूबे के नेतृत्व में शिक्षकों ने मूल्यांकन का बहिष्कार किया। शिक्षक नेताओं ने कहा कि शिक्षक धैर्य से काम लें। जब तक उनकी मांगो पर ध्यान नहीं दिया जाएगा
इसी तरह धरना चलता रहेगा। धरने में विरेंद्र बहादुर सिंह, अजय तिवारी, रविंद्र कुमार, समर बहादुर शर्मा, सुशील मिश्रा, हंसराज तिवारी, विनोद कुमार सिंह, सभाजीत तिवारी, चंद्रकला मिश्रा, मनोज बिंद, ममता श्रीवास्तव, सत्येंद्र सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।