ज्ञानपुर। सावन की पहली बारिश ने एनएचएआई की कांवड़ यात्रा तैयारियों की पोल खोल दी। जिले के सबसे लंबे ढाई किमी लंबे फ्लाईओवर के आठ स्थानों पर पाइप दुरुस्त न होने के कारण नीचे झरने की तरह पानी गिरता रहा। बारिश से बचने के लिए फ्लाईओवर के नीचे शरण लेने वाले लोग परेशान हुए। वहीं कांवड़ियों की सहायता के लिए शिविर लगाने वालों और कांवड़ लेकर निकलने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशान पड़ा।
रविवार देर रात से सोमवार सुबह तक हुई सावन की पहली बारिश से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। वहीं कांवड़ यात्रा को लेकर एनएचएआई की तैयारियों की भी पोल खुल गई। कांवड़ियों के लिए आरक्षित उत्तरी लेन और दक्षिणी लेन पर तैयारियां तो की गईं, लेकिन गोपीगंज फ्लाईओवर की कमियों को दूर नहीं किया गया। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे के सबसे लंबे तीन फ्लाईओवरों में शामिल गोपीगंज फ्लाईओवर पर बारिश होते ही झरने की तरह पानी गिरने लगा।
इन स्थानों पर फ्लाईओवर से गिर रहा था पानी : हाईवे प्राधिकरण की ओर से फ्लाईओवर के ऊपर वर्षा जल निकासी के लिए लगाए गए पाइप दुरुस्त न होने के कारण बड़ा चौराहा, मिर्जापुर तिराहा, सरकारी अस्पताल के सामने, रामलीला मैदान के सामने, शहीद स्मारक के पास दक्षिणी लेन समेत अन्य स्थानों पर बारिश के दौरान तेजी से पानी नीचे गिरने लगा। वहीं गिराई और माधोसिंह के पास जलभराव हो गया, लेकिन यहां कुछ ही देर में एनएचएआई की ओर से लगाए गए पंप से पानी निकाल लिया गया।
24 घंटे में नौ एमएम बारिश, उमस फिर भी बरकरार : कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के प्रभारी डॉ. अजीत चतुर्वेदी ने बताया कि जिले में 24 घंटे में नौ एमएम बारिश हुई है। रविवार रात 12 बजे के बाद मौसम बदलने से उमस से कुछ राहत मिली और करीब एक घंटे तक अच्छी बारिश हुई।
ज्ञानपुर, गोपीगंज, सुरियावां, भदोही समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव हो गया। डॉ. अजीत चतुर्वेदी ने बताया कि 24 घंटे में नौ एमएम बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट के साथ यह 35 डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री दर्ज किया गया।