ज्ञानपुर। दो करोड़ से बनी पेयजल टंकी का संचालन नहीं हो पा रहा है। आठ लाख लीटर की क्षमता की पानी टंकी 10 साल पहले ही बन गई थी। लेकिन जल निगम इसे नगर पंचायत को हैंडओवर नहीं कर सका है। हालांकि जलनिगम के जिम्मेदारों का कहना है कि कनेक्टिविटी का काम चल रहा है। एक-डेढ़ महीने में आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
जिला मुख्यालय स्थित नगर पंचायत ज्ञानपुर में कुल 11 वार्ड हैं। इसमें 20 हजार से अधिक की आबादी रहती है। कई सरकारी कार्यालय भी नगर पंचायत में हैं। वैसे तो पेयजल की सुविधा के लिए विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज के समीप टंकी स्थापित है, लेकिन भविष्य में आबादी बढ़ने के मद्देनजर कल्याणीबीर मोहल्ले में करीब 10 साल पहले जल निगम की कार्यदायी संस्था ने एक करोड़ 97 लाख की लागत से इस पानी टंकी का निर्माण करवाया था, लेकिन इसे आज तक नगर पंचायत को हैँडओवर नहीं किया जा सका। इससे लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
गर्मी के दिनों में अक्सर पेयजल की समस्या बढ़ जाती है। नगर में बड़ा डीह और छोटा डीह जैसे कुछ स्थान हैं, जहां पाइप लाइन से कभी अपर्याप्त पानी पहुंचता है तो पहुंच ही नहीं पाता। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि अगर इस टंकी से सप्लाई शुरू कर दी जाए तो एक बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा।
टंकी की जमीन को कोर्ट ने अपना बताते हुए रोक लगा दी थी, लेकिन एक साल पूर्व सहमति मिल गई थी। कनेक्टिविटी के लिए फंड भी मिल चुका है। इसका काम तेजी से कराया जा रहा है। एक से डेढ़ महीने में टंकी से पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। - संजय कुमार, एक्सईएन जल निगम नगर।
पेयजल टंकी नगर पंचायत को हैंडओवर नहीं हो सकी है। इससे उसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। जल निगम किन कारणों से नहीं दे रहा है, उसके बारे में पता नहीं। - राजेंद्र दूबे, ईओ ज्ञानपुर।
ज्ञानपुर। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नगर अध्यक्ष तेगा सिंह ने आरोप लगाया कि जल निगम और नगर पंचायत की खींचतान के कारण मामला अटका हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर पानी की टंकी का संचालन शुरू हो जाए तो न सिर्फ पेयजल की समस्या दूर होगी, बल्कि ऊर्जा और धन दोनों की बचत होगी। 20 मीटर की ऊंचाई वाली इस टंकी से पानी की सप्लाई होने पर घरों में बिना पंप लगाए ही पानी दूसरे तल तक पहुंच सकता है।