नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को डीएम से मिलकर नगर पालिका परिषद गोपीगंज की ओर से कूड़ा निस्तारण के नाम पर प्रति माह वसूले जाने वाले शुल्क को समाप्त करने की मांग की। ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दिया है कि नगर पालिका प्रशासन ने मनमानी की तो व्यापारी विरोध-प्रदर्शन के लिए विवश होंगे।
नगर अध्यक्ष श्रीकांत जायसवाल ने कहा कि नगर पालिका प्रशासन नगर की सफाई व्यवस्था एक निजी संस्था को देकर प्रति माह 30 रुपये घर-घर वसूलने का प्रस्ताव पारित किया है। दो वर्ष से बिगड़ चुकी आर्थिक व्यवस्था के कारण नगरवासी जीविकोपार्जन के लिए परेशान हैं तो अतिरिक्त कर लगने पर वह भरपाई कहां से कर पाएंगे। महामंत्री दिनेश कुमार उमर ने आरोप लगाया है कि नगर प्रशासन द्वारा इतने दिनों में सफाई और विकास कार्यों के नाम पर मात्र खानापूर्ति की गई है। बताया कि ठेका, संविदा पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ा ली गई लेकिन सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी है इसका उदाहरण भी गोपीगंज कोतवाली के सामने राजमार्ग पर डंप कूड़ा है। कई-कई दिनों तक न उठने से दुर्गंध फैला रहा है। राजमार्ग होने के चलते दिन-रात आवागमन आम लोगों के साथ अधिकारियों का होता है बावजूद इसके न कूड़ा उठाया जा रहा है न जिम्मेदारों की नजर पड़ रही है। नगर में रहने वाला कोई परिवार या तो ठेला लगाता है या फिर पटरी पर दुकानें सजाकर जीवन-यापन करते हैं। कूड़ा निस्तारण शुल्क को समाप्त करना व्यापारियों के साथ नगरवासियों के हित में होगा। इस मौके पर डा. घनश्यामदास गुप्ता, मुकुंदलाल उमर आदि रहे।