ज्ञानपुर। जिला पंचायत सभागार में बुधवार को हुई बैठक में विकास कार्यों को लेकर अफसरों की लापरवाही पर जिला पंचायत सदस्यों, ब्लाक प्रमुखों के तेवर गर्म रहे।
बैठक में मनरेगा, मूल और पुनरीक्षण का 88 करोड़ से अधिक का बजट पास किया गया।
बसपा के अलावा सपा के सदस्यों ने भी विकास कार्य कराने के लिए बजट न देने पर गहरी नाराजगी जताई।
मिनी सदन कुछ देर के लिए गंभीर हो गया। बाद में हल्के फुल्के क्षण में सदस्य और प्रमुख नजर आए। इसके पूर्व बैठक की कार्यवाही शुरू होते ही जिला पंचायत सदस्य शकुंतला देवी ने गरीब दुकानदारों पर जिला पंचायत टैक्स थोपने और पांच साल में जिला पंचायत से विकास के लिए बजट न देने का आरोप लगाया तो इसमें जिला पंचायत सदस्य दादा चौहान भी सहमत नजर आए, उन्होंने भी नाराजगी जाहिर की।
लोहिया आवास में सुविधा शुल्क लेने की सदस्यों द्वारा मामला उठाए जाने पर सीडीओ ने कहा शिकायतकर्ता शपथ पत्र दे हम एफआईआर कराएंगे।
जिला पंचायत सदस्य कल्लूराम यादव ने अपने इलाके के विद्यालयों में शिक्षा विभाग के अफसरों की सह पर शिक्षकों के मनमानी गैरहाजिर रहने का आरोप लगाया। कहा कि अधिकांश शिक्षक ठेकेदारी में मस्त और व्यस्त रहते हैं।
अफसरों की शह पर शिक्षण कार्य से दूर रहते हैं। इससे बच्चे अन्य स्कूलों में पढ़ने के लिए विवश हैं। बैठक में पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश सोनकर ने सभी को शांत कराया। इसके बाद पिछली बैठक की कार्यवाही पुष्टि हुई।
पुनरीक्षण बजट के मद में 27 करोड़, 36 लाख 20 हजार 848 रुपये, मूल बजट के मद में 23 करोड़, सात लाख 95 हजार 848 रुपये और मनरेगा का श्रम बजट 38 करोड़ 14 लाख 72 हजार रुपये सर्वसम्मति से पारित किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सोनकर, सीडीओ आरपी मिश्र, जिला पंचायत सदस्य कमला देवी मौर्य, किस्मत बानो, बर्फीलाल, मेवालाल यादव, राकेश पप्पू तिवारी, डीघ प्रमुख मनीष मिश्र, ब्लाक प्रमुख पति विकास यादव और अधिकारी मौजूद रहे।