इस तरह सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। शनिवार को जिला अस्पताल में बारह से अधिक उल्टी-दस्त के मरीज भर्ती कराए गए।
गर्मी के चलते आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है। बाहर धूप चैन नहीं लेने दे रही है तो पक्के मकानों की दीवारें और छत तपने से मानो वे भट्ठी बन गए हों।
इसी बीच गत दिनों 15-15 मिनटों की दो हल्की बरसात ने लोगों को क्षणिक राहत तो दे दी, लेकिन बीमारियों को भी न्योता दे दिया। तापमान के उतार-चढ़ाव का असर अस्पतालों में देखा जाने लगा है।
शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में साढ़े तीन सौ से अधिक पर्चियां कटीं। जिला मुख्यालय और आसपास के गांवों के कई मरीज भर्ती कराए गए।
दवा की दूकानों पर भी मरीजों की भीड़ लगी रही। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान सावधानी बरतनी जरूरी है। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ देखी जा रही है।
गोपीगंज, सुरियावां, जीटी रोड के निजी अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज भर्ती कराए गए। जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. प्रदीप कुमार ने बताया कि ऐसे मौसम में खान-पान का ध्यान देने की जरूरत है। खास तौर पर बच्चों का ध्यान रखना जरूरी है। पानी को उबाल कर ही पिएं।