ज्ञानपुर। जिला मुख्यालय पर आयोजित क्रमिक अनशन के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी समाजसेवियों ने जिला प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया। अनशन पर बैठे महेश कुमार शुक्ला, लालमणि चौरसिया, ओमप्रकाश चौटाला ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी पांच सूत्री मांगों को गंभीरता से लेकर समस्याओं का निवारण नहीं करा सका तो वह बेमियादी अनशन को बाध्य होंगे।
आरोप लगाया कि जनपद में एक दर्जन से अधिक बैंकों में दलालों का वर्चस्य कायम हो चुका है। दलाल बैंक अधिकारियों को मिलाकर सार्वजनिक जमीनों पर लाखों रुपये ऋण बिचौलियों को दिलाने में कसर नहीं छोड़ते। चाहकर भी बैंक प्रशासन बिचौलियों से रिकवरी नहीं कर पाता, जिसकी भरपाई आमजनों से की जाती है। यही स्थिति डाक विभाग में है, जहां मंडलीय और जनपद स्तर पर तैनात अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर फर्जी नियुक्ति कर ली गई। केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम पर ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी, रोजगार सेवक विकास कार्यों को न कराकर सरकारी खजाना खाली करते जा रहे हैं। शिकायत पर जिला प्रशासन जांच न कर सेक्रेटरी को ही उक्त गांव से हटा दिया जा रहा है। पशुपालन विभाग छुट्टा पशुओं को संरक्षण दिलाने के नाम पर करोड़ों का वारा-न्यारा कर चुका। बावजूद इसके पशु अपने सही स्थान तक नहीं पहुंचाए जा सके। आवास, शौचालय आदि विकास कार्य, आवासीय पट्टा के नाम पर पात्रों के साथ उपेक्षा बरती जा रही है। गांवों में मातृशिशु उप कल्याण केंद्रों के हालात जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं। यहां पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों का कोई लाभ किसी को नहीं मिल पाता। अभोली विकास खंड के सदौपुर गांव के विकास कार्यों का लेखाजोखा उपलब्ध न कराने और डाक विभाग में फर्जी नियुक्तियों को निरस्त न कर भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगाया जा सका तो अनशन अनवरत जारी रखा जाएगा।