गोपीगंज। छुट्टा पशुओं की धमाचौकड़ी से परेशान गुदरीपुर के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को दो दर्जन से अधिक छुट्टा घूम रहे पशुओं को खेतों से हांक कर गांव के परिषदीय विद्यालय में भर दिया। इसके बाद ताला बंद कर दिया गया। उस समय विद्यालय में पढ़ाई चल रही थी। इससे विद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी परेशान हो गए। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि जब तक पशुओं को गोशाला नहीं भेजा जाएगा, ग्रामीण चैन से नहीं बैठेंगे। ग्रामीणों के हंगामे की जानकारी मिलने के बाद भी देर शाम तक न तो शिक्षा विभाग और न ही पशुपालन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे।
सिवान में फसलों को रौंद रहे छुट्टा पशुओं से आजिज ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को खेतों से पशुओं हांक कर पूर्व माध्यमिक विद्यालय गुदरीपुर में भर दिया। कहा कि प्रशासन इन्हें गोशाला भिजवाए। रामपुर घाट, गुदरीपुर-अमिलौर के किसान संतोष तिवारी उर्फ करिया, दीपक तिवारी, श्याम यादव, गंगाधर तिवारी, विनोद तिवारी, अच्छेलाल यादव, प्रेम यादव, मन्ना यादव, फुलेल तिवारी, अरुण तिवारी, अनुज तिवारी, कपूर तिवारी, प्रमोद तिवारी, ओमप्रकाश तिवारी, राकेश तिवारी, विनय यादव, ब्रह्मतेज तिवारी आदि ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की घोषणा और काफी मात्रा में गौशाला के लिए धन होने के बाद भी जिला प्रशासन छुट्टा पशुओं को वहां तक पहुंचाने में नाकाम साबित हो रहा है। अदूरदर्शी नीति के कारण अब तक गौशाला निर्माण के नाम पर लाखों रुपये पानी की तरह बहा दिए गए, लेकिन शासन की मंशा के अनुरूप छुट्टा पशुओं को संरक्षित नहीं कराया जा सका। बरसात की मार के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में झुंड के झुंड छुट्टा पशु बची दलहनी-तिलहनी फसलों के अलावा बालियां ले चुकी धान की खेती को रौंद रहे हैं। चेतावनी दी कि शीघ्र ही जिला प्रशासन ने विद्यालय में बंद पशुओं को गौशाला तक नहीं पहुंचाया तो पठन-पाठन नहीं होने दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। खंड स्तरीय शिक्षाधिकारी को निर्देशित कर मामले को सुलझाने को कहा गया है और प्रशासनिक अधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। उधर डिप्टी सीवीओ डॉ. जेपी सिंह ने कहा कि जानकारी न होने के कारण अब तक विभागीय कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंच सके हैं। मामला जंगीगंज पशु अस्पताल से जुड़ा है। चिकित्सक राम सिंह को मौके पर भेजा जा रहा है। रिपोर्ट पर डीघ क्षेत्र स्थित गौशाला फुलवरिया और कंचनपुर में पशुओं को शरण दिलाई जाएगी।