वसंत पंचमी पर तीसरे स्नान पर्व की तैयारी रविवार को पूर्ण कर ली गई है। सोमवार अल सुबह से ही श्रद्धालु जिले के विभिन्न गंगा घाटों पर आस्था की डुबकी लगाएंगे।
स्थानार्थियों की बढ़ी भीड़ को देखते हुए सीतामढ़ी, रामपुर, सेमराध गंगा घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद कर दिया गया है। महाकुंभ को लेकर वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं।
जिले के रामपुर, सीतामढ़ी, सेमराध, बिहरोजपुर, भवानीपुर, डेरवा, कलिंजरा समेत अन्य गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ वसंत पंचमी पर स्नान करने के लिए उमड़ती है। श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर दान-पुण्य करते हैं।
इसके बाद घाट पर ही भगवान गणेश के साथ, भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है। डुहिया भावसिंहपुर निवासी पंडित दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि बसंत पंचमी पर स्नान गंगा स्नान करना शुभ माना जाता है। शास्त्रों के मुख से ईश्वर का जाप करने से जो फल मिलता है। उससे कहीं ज्यादा फल वसंत पंचमी पर गंगा स्नान करने से मिलता है।
स्नान ध्यान के बाद विद्यार्थियों को मां सरस्वती की पूजा अर्चना करनी चाहिए। बसंत पचंमी को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस महकमे की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। घाटों पर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।