Bhadohi News: एक कर्मचारी ने बताया कि बैंक में गोल्ड लोन के लिए दो अप्रेजर नियुक्त होते हैं। जिनका काम होता है ग्राहक के सोने की जांच कर ही बैंक में जमा करवाना, तो फिर ऐसी हालत में नकली सोना कैसे जमा हो गया। ऐसे में बैंक कर्मियों एवं अप्रेजर की कार्यप्रणाली पर ही तमाम सवाल उठना लाजिमी है।
गोपीगंज में नगर के एक बैंक में नकली सोना जमा कर गोल्ड लोन लेने का मामला प्रकाश में आया है। जहां भोले-भाले लोगों को झांसा देकर उनसे आधार कार्ड लेकर नकली सोना जमा कर जालसाज गोल्ड लोन ले लिए। जांच के बाद आधार कार्ड लगे लोगों को जब नोटिस भेजी गई तब जाकर मामले का खुलासा हुआ।
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काली देवी निवासी मनोज कुमार पुत्र पुलई माली ने कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि नगर के ही तीन व्यक्ति मित्रता में उसका आधार कार्ड लेकर बैंक में नकली सोना जमाकर उसके नाम से सात लाख का गोल्ड लोन लिया गया। उसे इस बात की जानकारी बैंक से नोटिस मिलने के बाद हुई तो पैरों तले जमीन खिसक गई।
बताया कि जालसाज उसे धमकी दे रहे हैं कि बैंक के खिलाफ फ्रॉड का मुकदमा करो नही तो जान से मार दिए जाओगे। मामले में तहरीर देकर कार्यवाही की गुहार लगाई है। ठगों ने मिर्जापुर रोड निवासी पिंटू सिंह के कागजात पर पांच लाख और शिव मार्ग निवासी गुड़िया के नाम पर पांच लाख का लोन बैंक से ले लिया।
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पीड़ितों ने बताया कि नगर के करीब आठ लोग इसी तरह के शिकार हुए हैं। ठगों ने सभी के अभिलेखों के सहारे 40 से 45 लाख रूपये की ठगी की है। प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में है। अभी प्रकरण की जांच की जा रही है। बैंक में भी पूछताछ जारी है। इसमें जो भी दोषी होगा उस पर केस दर्ज कर कार्रवाई होगी।
आखिर कैसे बैंक में नकली सोना पहुंचा
बैंको में नकली सोना पहुंचने को लेकर तमाम सवाल भी उठने शुरू हो गए हैं। बैंक से पैसे की निकासी एवं जमा करने के लिए तमाम प्रकार की जांच होती है, लेकिन बैंक में नकली गोल्ड कैसे जमा हो जाता है।