ज्ञानपुर। धान की लहलहा रही फसल में किसान यूरिया खाद डालने के लिए परेशान हैं। कई सहकारी समितियों पर खाद न होने से किसान निजी दुकानों से खरीदने के लिए विवश हैं। मौके का फायदा उठाकर दुकानदार भी किसानों से अधिक पैसे वसूल रहे हैं। कृषि विभाग के निरीक्षण में इसकी पोल भी खुल चुकी है, हालांकि अधिकारी सख्ती की बात का दावा कर रहे हैं।
मानसून की मेहरबानी से किसान अधिकतर खेतों में धान की रोपाई कर चुके हैं। 29 हजार के सापेक्ष करीब 40 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में धान की रोपाई की गई है। समय-समय पर बारिश होने से यूरिया समेत अन्य जरूरी दवाएं धान में किसान डाल रहे हैं। सप्ताह भर पूर्व हुई बारिश के बाद धान में यूरिया का छिड़काव तेज हो गया है। अधिकतर लोगों को यूरिया की जरूरत होने से अचानक अधिकतर समितियों से यूरिया ही गायब हो गई। इससे किसान बाजार में निजी दुकानों से यूरिया खरीदने के लिए विवश हैं। सोसायटी पर एक बोरी यूरिया की कीमत 260, सेवा केंद्रों पर 270 जबकि बाजार में दुकानदार 320 से 350 रुपये वसूल रहे हैं।
डीघ के दरवांसी के किसान सरफराज आलम और ज्ञानपुर के देवाजीतपुर के किसान भोलानाथ उपाध्याय ने कहा कि गलत नीतियों से किसानों को न तो समय पर खाद मिलती है और न ही डीएपी। इससे वह हमेशा परेशान रहते हैं। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार प्रजापति ने कहा कि यूरिया में नकली होने की संभावना कम होती है। डीएपी में मिलावटखोरी अधिक की जाती है। किसान यूरिया को मुट्ठी में लेकर पानी में हाथ डालें। ठंडा महसूस होने पर वह यूरिया सही मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर लगातार जांच-पड़ताल की जा रही है। दुर्गागंज संवाददाता के अनुसार, अभोली ब्लॉक के भदोही वेलफेयर सोसाइटी मकनपुर में यूरिया का वितरण हो रहा है। बुधवार को ब्लॉक तकनीकी सहायक संतोष कुमार ने सोसायटी का निरीक्षण किया। स्टॉक का मिलान किया तो स्थिति संतोषजनक मिली। इस मौके पर संचालक शारदा प्रसाद मौर्य आदि रहे।