ककराही रेलवे क्रासिंग पर काम करते रेलवे कर्मचारी।
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पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी-रामबाग रेल प्रखंड पर ककराही रेलवे फाटक के पास पटरियों में तकनीकी खामी आने के बाद उनकी मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। आगामी 20 अक्तूबर तक फाटक के पास कॉशन के सहारे ट्रेनों का संचालन होगा। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो सकती है।
गोपीगंज-मिर्जापुर रोड स्थित मंडी समिति के पास ककराही रेलवे फाटक पर रविवार से मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। वाराणसी-प्रयागराज के पूर्वोत्तर रेल प्रखंड से हर दिन 28 से 30 ट्रेंनों का आना-जाना होता है। रेलवे की पटरी बैठ गई है और पटरी का स्लीपर टूट गया है। इससे होने वाले खतरे को देखते हुए रेलवे की तकनीकी टीम इसकी मरम्मत में जुट गई है।
यह मार्ग मिर्जापुर के विंध्यवासिनी धाम के अलावा सोनभद्र जिले को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। हर दिन इस मार्ग से 10 से 20 हजार लोगों का आवागमन होता है। रेलवे कर्मचारी रेल की पटरी को दुरुस्त कर रहे हैं। आगामी 20 अक्तूबर तक प्रयागराज से वाराणसी के बीच करीब 28 से 30 ट्रेनों का आवागमन कॉशन के सहारे होगा।
रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलपथ के अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि पटरियां बैठ गईं हैं। इसके अलावा स्लीपर टूट गया है। इसे दुरुस्त करने का कार्य किया जा रहा है। दो दिन बाद जब यह कार्य फाटक के पास पहुंचेगा तो यातायात बाधित हो सकता है। इसके लिए उप जिलाधिकारी ज्ञानपुर से अनुमति भी ली गई है। दीपावली को लेकर इन दिनों ट्रेनों में भारी भीड़ है। ऐसे में यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।