मंच पर सीएम योगी आदित्यनाथ।
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आयुष्मान योजना, एक जिला एक उत्पाद, स्वरोजगार, महिला सुरक्षा आदि के लिए कार्य क्यों नहीं किए गए। कहा कि क्योंकि पिछली सरकारों के एजेंडे में किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा नहीं थे, बल्कि जातिवाद, क्षेत्रवाद, परिवारवाद के एजेंडे पर काम हो रहा था।
कहा कि एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत स्थानीय स्तर की विशिष्ट पहचान को और मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस क्रम में उन्होंने बनारस की साड़ी, मुरादाबाद का पीतल, मिर्जापुर के पत्थर, सिद्धार्थनगर के काला नमक चावल, कौशांबी के अमरूद, मेरठ के खेल के सामान, कन्नौज के इत्र, गोरखपुर के टेराकोटा और अन्य जिलों के उत्पादों का जिक्र किया। कहा कि ओडीओपी को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार ने तय किया है कि घाटों पर पत्थर लगाने की जरूरत पड़ेगी तो उसे मिर्जापुर से ही मंगवाया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।