इससे प्रदेश के कालीन निर्यात की कमियों को दूर करने में सहायता मिलेगी। कहा कि भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) हर वर्ष 5-5 गांवों को गोद लेकर उन्हें विकसित करेगी।
वे गुरुवार, को होटल शिराज में एकमा सदस्यों के साथ आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। निर्यात प्रोत्साहन मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि भदोही का नाम विश्व नक्शे में खूब बड़ा दिखाई दे ।
यह तभी संभव है जब यहां के कालीन मजदूर, निर्माता, निर्यातक सभी उप्र में ही रह कर काम करेंगे। उन्होंने एकमा से मिल्रे उत्तर प्रदेश कालीन निर्यात संवर्धन परिषद के गठन के सुझाव को उपयुक्त माना और कहा कि इस पर मुख्यमंत्री से वार्ता कर बात आगे बढ़ाएंगे।
कहा कि कालीन औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने के लिए बीडा को हर वर्ष पांच गांवों को गोद लेकर विकास करने की जिम्मेदारी दी जा रही है। इससे हमारे गांवों की सूरत भी बदलेगी।
कहा कि शहरी क्षेत्र में कुछ पार्क स्थापना के लिए बीडा को प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश भी दिया गया है।
उन्होंने उद्योग में लगे मजदूरों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए निर्यातकों का आह्वान किया कि थोड़ा उनकी ओर भी ध्यान दिया करें।
कहा गरीबों के घर चलते रहना आपका व्यापार चलते रहने की गारंटी होगी। इसके पूर्व अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) के अध्यक्ष विनय कपूर ने प्रदेश सरकार द्वारा भदोही कालीन उद्योग को दी गई सौगातों का बखान करते हुए प्रदेश का कालीन निर्यात बढ़ाने के लिए निर्यात संवर्धन परिषद बनाने का सुझाव दिया।
एकमा की ओर से उन्हें दिए गए पत्रक में कालीन उद्योग को खादी ग्रामोद्योग की तरह कुटीर उद्योग बताते हुए इसे समस्त सुविधाएं मुहैया कराने की आवश्यकता बताई गई। इसके अलावा कहा कि निर्यातकों को अपने परिसर में ढांचागत व्यवस्था बढ़ाने के लिए सरकार अनुदान दे। पत्रक में अभी भी कालीन वैट से प्रभावित हो रहा है इसलिए इसे खत्म करने की मांग रखी।
समारोह का संचालन बीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी इंद्रमोहन दूबे ने किया। विधायक जाहिद बेग ने भी संबोधित किया। प्रमुख सचिव लघु उद्योग सुधीर कुमार गर्ग, निर्यात प्रोत्साहन आयुक्त एल वेंकटेश्वर लू व सपा जिलाध्यक्ष मो.आरिफ सिद्दीकी, गुलामन अंसारी, हाजी फिरोज वजीरी, शमीम अंसारी, हाजी जलील अंसारी, जेपी गुप्ता, एचएन मौर्य, हाजी अब्दुल सत्तार, शिवसागर तिवारी, रजा खां, राजाराम गुप्ता, पीसी जायसवाल, हाजी अब्दुल हादी, कैलाश बरनवाल, हाजी शाहिद हुसैन आदि रहे।