ज्ञानपुर। जिले में शुक्रवार को मूल्यांकन कार्य पूरा हो गया। इस बार बोर्ड की कॉपियां बीते साल से कम होने के कारण 10 दिनों में ही मूल्यांकन पूरा हो गया।
बीते साल इंटरमीडिएट में 61 हजार की काॅपियां थी। इस साल 57 हजार ही कापियां आईं। वहीं हाईस्कूल में एक लाख 22 हजार कापियां आनी थी। जिसमें एक लाख 10 हजार 572 कापियां ही आई। आखिरी दिन इंटर की केवल 121 काॅपियां जांची गई। जिले में बोर्ड की कापियों के मूल्यांकन के लिए दो केंद्र बनाए गए। इसमें इंटरमीडिएट का विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज ज्ञानपुर और हाईस्कूल का नेशनल इंटर कॉलेज भदोही शामिल रहा।
19 मार्च से कापियों का मूल्यांकन शुरू हुआ। करीब नौ दिन में ही हाईस्कूल की काॅपियां जांच दी गई। बीते साल हाईस्कूल में एक लाख 22 हजार कापियां आई थी। जिसमें एक लाख 10 हजार 572 कापियां ही आई। इसी तरह इंटरमीडिएट में 61 हजार की काॅपियां थीं। इस साल 57 हजार ही कापियां आईं। शुक्रवार को इंटर की 121 कापियों का मूल्यांकन कार्य पूरा होते ही शिक्षकों ने राहत सांस ली। डीआईओएस अंशुमान ने बताया कि कापियां कम आने और परीक्षकों की संख्या ठीक होने से 10 दिन में ही कापियां जांच ली गई। 2024 में 16 मार्च से मूल्यांकन शुरू हुआ था। जिसको पूर्ण करने में करीब 12 दिन लग गए थे।
375 परीक्षक रहे अनुपस्थित
जिले में इस साल बोर्ड परीक्षा के कॉपियों के मूल्यांकन के लिए 875 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। जिसमें हाईस्कूल में 605 परीक्षक लगे थे। वहीं इंटर की कॉपियों के लिए 270 परीक्षक लगाए गए थे। 10 दिनों तक चले मूल्यांकन कार्य में कुल 375 परीक्षक अनुपस्थित रहे। जिन्हें नोटिस भेजकर डीआईओएस की ओर से जवाब मांगा गया है।