अल्ट्रासाउंड सेंटर को लेकर आईजीआरएस की शिकायत के बाद एसडीएम ने जांच की और कार्रवाई के निर्देश दिए। बता दें कि सेंटर पर नाम किसी और का और अल्ट्रासाउंड कोई और करता मिला। ऐसे में लापरवाही का मामला सामने आया। सीलिंग की कार्रवाई की गई।
गोपीगंज जिले में अल्ट्रासाउंड संचालकों की मनमानी रूकने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को उपजिलाधिकारी अरूण गिरी ने गोपीगंज में मिर्जापुर तिराहे पर संचालित एक अल्ट्रासाउंड को सीज कर दिया। अल्ट्रासाउंड को लेकर एक महिला द्वारा आईजीआरएस पर शिकायत की गई थी।
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डीएम के निर्देश पर एसडीएम जांच को पहुंचे थे। जिले में अक्सर अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर मनमानी देखने को मिलती रहती है। मानक विहिन अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक अनट्रेंड प्रशिक्षिकों को लगाकर अल्ट्रासाउंड करवाते हैं।
गोपीगंज निवासी एक महिला ने कुछ दिन पूर्व गोपीगंज के मिर्जापुर तिराहा पर संचालित अनुराग डायग्नोस्टिक सेंटर की शिकायत करते हुए गलत डायग्नोसिस का आरोप लगाया था। उन्होंने आईजीआरएस पर इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।
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मामला संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी विशाल सिंह ने एसडीएम अरूण गिरी को जांच सौंपी। जांच को पहुंचे एसडीएम ने पंजीकृत चिकित्सक के स्थान पर आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. कृष्णचंद सिंह निवासी मिर्जापुर को पाया गया।
जांच में यह भी पता चला कि उन्होंने लगभग एक दर्जन से ज्यादा मरीजो का अल्ट्रासाउंड किया जाना भी पाया गया। एसडीएम ने जब कड़ाई से पूछताछ शुरू की तो चिकित्सक फरार हो गए। एसडीएम ने सेंटर पर अन्य भी कमियां पाई और सेंटर को सीज कर दिया।
इधर अल्ट्रासाउंड सेंटर को सीज होने की भनक लगते ही नगर के कई अल्ट्रासाउंड सेंटरों के शटर बन्द हो गए। कार्रवाई के दौरान चौकी प्रभारी समेत सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशुतोष पांडेय, स्वप्निल सिंह आदि रहे।