वीरांगना ऊदा देवी का बलिदान दिवस बुधवार को जिले के कई स्थानों पर मनाया गया। देश के लिए उनके त्याग और बलिदान पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने वीरांगना के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।
ज्ञानपुर के भिदिउरा स्थित घोपइला मंदिर पर पासी समाज के लोगों ने गोष्ठी आयोजित कर वीरांगना को नमन किया। सभासद रमेश पासी ने कहा कि देश की आजादी में पासी समाज भी पीछे नहीं रहा। 1857 की क्रांति में ऊदा देवी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके पूर्व समाज के लोगों ने ऊदा देवी के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। इस मौके पर रीता वियोगी, गुलाब पासी, विद्याशंकर पासी, उदल, हरिश्चंद्र, गुड्डू, बाबा पासी समेत कई लोग मौजूद रहे।
सुरियावां संवाददाता के अनुसार, राष्ट्रीय पासी समाज संघ की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बुधवार को गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें शहीद ऊदा देवी का बलिदान दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि उमिला देवी सरोज ने कहा कि ऊदा देवी ने 1857 के क्रांति में 36 अंग्रेजों का सिर कलम कर दिया था। उनके पदचिन्हों पर चलकर समाज का विकास होगा।
इस मौके पर प्रमुख रूप से कृष्णानंद सरोज, हदय नारायण, मंगल सरोज, शिवशंकर, अच्छेलाल, अशोक आदि रहे। इसी तरह लालानगर में आयोजित गोष्ठी में ऊदा देवी के बलिदान को याद किया गया। औराई विधायक मधुबाला पासी ने माल्यार्पण कर नमन किया।