ज्ञानपुर। सहायक शिक्षक पद पर नौकरी हासिल करने वाले दो शिक्षकों से वेतन की रिकवरी की जाएगी। इसके अलावा यह भी पता किया जाएगा की वेतन और भत्तों के रूप में अभी तक शिक्षक कितना सरकारी धन हासिल किया हैं। इसको लेकर आगणन तैयार किया जा रहा है।
दरअसल गाजीपुर जनपद निवासी आशुतोष त्रिपाठी ने नाम और पता का फर्जी दस्तावेज लगाकर सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल की थी। आशुतोष की पहली तैनाती वर्ष 2010 में डीघ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पुरवां में हुई थी। इसके बाद वह प्राथमिक विद्यालय बेरासपुर गांव में तैनात हुए थे। इनके खिलाफ तिनसुखिया, असम में स्थित केंद्रीय विद्यालय में कार्यरत आशुतोष त्रिपाठी नामक व्यक्ति ने शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया था कि उनके नाम का फर्जी दस्तावेज तैयार कर वह नौकरी कर रहे हैं। इसी तरह देवरिया निवासी प्रेमलता त्रिपाठी की नियुक्ति वर्ष 2010-11 में हुई थी। वह ज्ञानपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कंसापुर में तैनात थीं। इनके ऊपर फर्जी अभिलेख के जरिए नौकरी हासिल करने का आरोप था। जांच के बाद मामला सही मिलने पर दोनों शिक्षकों की सेवा समाप्त कर संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। अब इनकी वेतन की रिकवरी करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई हैं। इसके बाद शिक्षकों को नोटिस भेज दी गई है। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि वेतन की रिकवरी का निर्देश खंड शिक्षा अधिकारी को दिया गया है।