निषाद पार्टी के विधायक विजय मिश्र के भाजपा में जाने की अटकलों के बीच शनिवार को जिले का सियासी पारा उस समय बढ़ गया जब सैयदराजा से भाजपा के विधायक सुशील सिंह काफिले संग धनापुर स्थित उनके आवास पर पहुंच गए। काफी देर तक दोनों में गुफ्तगू हुई। रविवार को दिन भर इसकी चर्चा होती रही।
ज्ञानपुर से तीन बार सपा के विधायक रहे विजय मिश्र को 2017 के चुनाव में सपा से टिकट नहीं मिला। इसके बावजूद उन्होंने निषाद पार्टी के टिकट पर चौथी बार मोदी लहर में भी जीत दर्ज कर इतिहास बनाया। कांग्रेस, सपा और बसपा के एमएलसी और विधायकों के भाजपा में जाने के बाद जिले में भी ज्ञानपुर के बाहुबली विधायक के भाजपा में जाने की अटकलें लगने लगी थी।
इन अटकलों पर शनिवार को उस समय और बल मिल गया जब सैयदराजा से भाजपा के बाहुबली विधायक सुशील सिंह काफिले संग धनापुर स्थित विजय मिश्र के आवास पर पहुंच गए। एकाएक भाजपा नेताओं का काफिला धनापुर पहुंचा तो आसपास चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। समाचार पत्र के दफ्तरों की घंटिया भी घनघाने लगी कि विधायक जी भाजपा में जा रहे हैं क्या। रविवार को दिन भर इसको लेकर सियासी पारा चढ़ा रहा। ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र भाजपा में जाएंगे या नहीं यह तो आने वाला समय बताएगा लेकिन जिले की सियासत में जो हलचल चल रही है वह आने वाले समय में कुछ गुल जरूर खिलाएगी।
ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र ने कहा कि सुशील सिंह हमारे मित्र हैं। शनिवार को इटहरा में कोई कार्यक्रम था जिसमें हिस्सा लेने के बाद सिर्फ मिलने के लिए आए थे। इसका कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।