विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की अदालत ने गोपीगंज कोतवाली में वर्ष 2017 में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में दो आरोपितों को दोषी पाते हुए 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी। यह फैसला न्यायाधीश ने शनिवार को सुनाया। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को बतौर प्रतिकर देने का आदेश दिया है।
अभियान पक्ष के अनुसार पीड़ित पक्ष ने गोपीगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 जुलाई 2017 को समय शाम लगभग पांच बजे पीड़िता बाजार गई थी। घर वापस न आने पर परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। मोबाइल फोन बंद चल रहा था। पीड़ित पक्ष की ओर से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर मोबाइल को सर्विलांस पर लगाने की गुहार लगाई गई थी। जांच के दौरान आरोपितों की पहचान हुई और आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। पीड़िता की ओर से शासकीय अधिवक्ता अश्विनी कुमार मिश्र की ओर से गवाहों का परीक्षण कराया गया। बचाव और अभियोजन के तर्कों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो श्रीमती मधु डोगरा की अदालत ने आरोपी सतीश कुमार, राकेश कुमार को घटना का कसूरवार पाते हुए 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये से अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की अदायगी न होने पर तीन-तीन वर्ष की अतिरिक्त कारावास भुगतने का निर्देश दिया।