पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह लोग व्हाट्सएप हैक करते हैं। उसके बाद कुछ फर्जी व्हाट्सएप नंबर बनाते और कुछ वर्चुअल नंबर भी एड करते। व्हाट्एस ग्रुप बनाकर भोले-भाले लोगों को फर्जी शेयर ट्रेडिंग का वेबसाइट बनाकर कम समय में अत्याधिक मुनाफे का लालच देकर उनके पैसे फ्रॉड कर अपने खाते में जमा करवा लेते।
फर्जी वेबसाइट पर उनके आईडी पर फर्जी मुनाफा दिखाते थे। जब वह व्यक्ति पैसा देना बंद कर देता था तो फर्जी व्हाट्एस ग्रुप और फर्जी वेबसाइट को डिलीट कर उसकी सारी जानकारी नष्ट कर देते। करीब तीन महीने पूर्व एक व्यक्ति से 22 लाख 50 हजार की ठगी की। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि पूछताछ के बाद आरोपियों को जेल भेजा गया।