सीतामढ़ी में तेजी से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर।
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार पिछले दो दशक का रिकार्ड तोड़ने पर आमादा है। हफ्तेभर के दौरान जिले में गंगा का जलस्तर नौ मीटर से अधिक बढ़ गया है। शनिवार को जलस्तर दो मीटर बढ़कर 73.420 पर पहुंच गया। बाढ़ प्रभावित कोनिया क्षेत्र के छेछुआ और भुर्रा गांवों में भी शनिवार को गंगा का पानी पहुंच गया। माना जा रहा है कि जलस्तर ऐसे ही रहा तो जल्द ही कटान शुरू हो जाएगी।
शुक्रवार की शाम को 71.080 मीटर दर्ज किया गया गंगा का जलस्तर शनिवार को 73.420 मीटर तक पहुंच गया। इस दौरान जलस्तर में आठ सेमी. प्रति घंटे की गति से बढ़ोतरी हो रही थी। इस वर्ष के न्यूनतम जलस्तर 64.360 से बढ़कर 73 मीटर के ऊपर पहुंचने में महज हफ़्तेभर लगे। जानकारों का कहना है कि इतनी तेजी से बढ़ाव पिछले दो दशक में नहीं हुआ। जलस्तर कहां तक पहुंचकर थमेगा यह तो समय बताएगा, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि गंगा में बढ़ाव की रफ्तार यही रही तो भारी पड़ सकता है। केंद्रीय जल आयोग के सीतामढ़ी स्थित कार्यालय के मुताबिक पिछले वर्ष 2015 में गंगा का अधिकतम जलस्तर 67.990 मीटर था। जबकि इस बार हफ्तेभर में ही यह आंकड़ा 73 मीटर के ऊपर पहुंच गया। सीतामढ़ी में 2002 में स्थापित जल आयोग के कार्यालय के मीटर गेज पर अब तक सर्वाधिक जलस्तर 81.200 मीटर वर्ष 2013 में दर्ज किया गया है। तेजी से बढ़ते जलस्तर से हाहाकार मचाती गंगा गांवों की तरफ बढ़ रही है। इससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोग सकते में आ गए हैं। बाढ़ प्रभावित कोनिया क्षेत्र के छेछुआ और भुर्रा गांवों में भी शनिवार को गंगा का पानी पहुंच गया। भुर्रा के ग्राम प्रधान गोरखनाथ के मुताबिक गांव में कटान शुरू भी हो गई। हालांकि छेछुआ के ग्राम प्रधान जगदीश प्रसाद ने कहा कि उनके गांव में अभी कटान शुरू नहीं हुई है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी स्थानीय बारिश के साथ-साथ उत्तराखंड में हुई भारी बारिश के असर से हुई मानी जा रही है। सीतामढ़ी में लगे केंद्रीय जल आयोग के वर्षा मापक यंत्र में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक क्षेत्र में अब तक 268.8 मिमी. वर्षा हुई है।
सीतामढ़ी में क्षेत्र में जुलाई में हुई बारिश
02 जुलाई 19.4
03 जुलाई 09.8
05 जुलाई 31.2
06 जुलाई 40.0
07 जुलाई 18.6
08 जुलाई 04.8