इरफान के साथ उसके बेटे दानिश व तनवीर पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर नकली दस्तावेज तैयार करते और फर्जी जीएसटी नंबर लेकर टैक्स व क्रेडिट कार्ड का गलत फायदा उठाते थे और बड़े स्तर पर टैक्स की चोरी करते थे।
एएसपी ने बताया कि इसके सहयोगी हाजी इरफान के बताए अनुसार जनपद में किसी फर्जी फर्म खोलने के लिए आए थे। इस बीच माधोसिंह रेलवे स्टेशन के पास से दोनों को पकड़ कर लिया गया। उनके पास से सात मोबाइल, दो लैपटॉप, एक राउटर, 10 चेकबुक, दो आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, 10 एटीएम, छह बिलिंग जिल्द व दो बंडल रसीद के साथ नगदी बरामद किए।
फर्जी तरीके से मजदूरों के पैन व आधार का करते थे प्रयोग
एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों अभियुक्त बिचौलिए का काम करते थे। दोनों मुख्य सरगना हाजी इरफान के बताए के अनुसार जिले में आए थे। उसने इन दोनों को दो आधार और पैन कार्ड देकर औराई और झारखंड के हजारीबाग में किसी व्यक्ति से मिलने के लिए भेजा था। उसने यहां पहुंचने पर ही संबंधित का नाम व पता बताने को बोला था। बताया कि ये कंपनी में काम करने वाले मजदूरों के पैन व आधार यूज कर फर्जी तरीके से खाता खोलकर फर्जी बिलिंग व इनवाइस आदि बनाकर पैसे निकाल लेते थे। इस बीच फर्म के कैसिंल होने के बाद हाजी व दानिश के कहने पर मोबाइल नंबर बदल लेते थे।
सरगना हाजी इरफान कबाड़ का व्यापारी
एएसपी ने बताया कि गिरोह का सरगना हाजी इरफान शाहीनबाग, नईदिल्ली में कबाड़ का व्यापारी है। यह पूरा गिरोह उप्र के अलग- अलग जिलों के अलावा कई अन्य प्रांतों में पहले फर्मों का पंजीकरण कराते थे। इसके लिए वे फर्जी नाम, पता व दस्तावेज का इस्तेमाल करते थे। इन्हीं फर्मों के नाम पर फर्जी ईनवायस व ई-बिल तैयार होते थे। गिरोह बिना किसी खरीद फरोख्त के कागजों का लेन-देन दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की चोरी की जाती थी।
जीएसटी चोरी करने का बड़ा गिरोह है। जिसका मुख्य सरगना शाहीनबाग का हाजी इरफान व उसके बेटे हैं। यह गिरोह केवल यूपी नहीं, बल्कि कई प्रांतों पर फर्जी फर्म तैयार कर सरकार को करोड़ों को चूना लगाते थे। बताया कि मुख्य सरगना के अलावा कई अन्य लोग भी इस गिरोह में शामिल हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी मामला खुलेगा। हाजी इरफान व उसके बेटे को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। - शुभम अग्रवाल, एएसपी।