ज्ञानपुर। बारिश का मौसम शुरू होने से पहले स्वास्थ्य केंद्रों पर जहरीले जंतुओं से निपटने की तैयारी शुरू हो गई है। जिले के 30 स्वास्थ्य केंद्रों पर 2205 एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) मौजूद है। इस साल अब तक जिले में सर्पदंश के 20 मामले सामने आए हैं।
बारिश के बाद घटनाओं में इजाफा होता है। जनपद में 12 से 15 प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं, जिनमें चार बेहद जहरीले हैं। बाकी ज्यादातर विषहीन प्रजातियों के सांप होते हैं।
जिले में बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ती हैं। ग्रामीण इलाकों में इस तरह की घटनाएं ज्यादा होती हैं।
खेतों काम करते समय और कच्चे घरों के कोने में दुबके सांप लोगों को निशाना बनाते हैं। हालांकि माना जाता है कि सभी सांप जहरीले नहीं होते, लेकिन डर और घबराहट के कारण कई बार लोगों की जान चली जाती है।
सर्पदंश की घटनाओं से लोगों की जान बचाने फिलहाल जिले में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम मौजूद है। जिले के 30 स्वास्थ्य केंद्रों पर 2205 एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है। प्रत्येक पीएचसी पर 10-10 और छह सीएचसी पर 301 एंटी स्नेक वेनम रखे गए हैं।