ज्ञानपुर। कानपुर में हौसलाबुलंद अपराधियों के थाने में घुसकर आठ पुलिसकर्मियों को मौत की नींद सुला देने के खिलाफ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने शोकसभा में शुक्रवार को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर आयोजित सभा में जवानों की शहादत को सलाम किया। वहीं घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी कर मृतक जवानों के परिजनों को नौकरी के एक-एक करोड़ रुपये आर्थिक मुआवजा की आवाज उठाई।
वक्ताओं ने कहा कि जबसे केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार बनी है। तब से अब तक दर्जनों जवान सीमाओं पर शहीद हो गए, जिसका मुख्य कारण समय से उचित निर्णय न लेना और राजनीति घोषणाबाजी रही है। प्रदेश में कानून व्यवस्था बेपटरी होकर अपराध को बढ़ावा दे रही है, जिसका उदाहरण कानपुर की घटना अपनेआप में लापरवाही को दर्शाने में कसर नहीं छोड़ा है, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए उतनी कम है। यह भी लोगों ने कहा कि देशव्यापी कोरोना की महामारी में जिस तरह से पुलिस कर्मी अपना कर्तव्य निभा रहे हैं उनकी भी सुरक्षा में सेंध लग जाना बड़ा प्रश्न है। जिले से लेकर प्रदेश के कोने-कोने में होने वाली घटनाओं पर गौर किया जाए तो हत्या, लूट, छिनैती, सामूहिक दुष्कर्म, दुष्कर्म के मामले सरकार की उपलब्धि बता रहे हैं और पीड़ित न्याय के लिए भटक रहा है। यदि पूर्व से ही भ्रष्टाचारी जनप्रतिनिधियों पर सरकार का चाबुक चला होता तो यह दिन न देखने को मिलता। कांग्रेस की ओर से गांधी पार्क में देवनारायण यादव, माबूद खान, राजन दुबे, संतोष सिंह बघेल, वसीम अंसारी, राकेश मौर्या,नाजिम अली, करमचंद बिंद, राजेश्वर दुबे, शिवम शुक्ला रहे। सपा की शोकसभा में मो.आरिफ सिद्दीकी, नान्हक यादव, महेंद्र यादव, धर्मेंद्र मिश्रा, मुन्ना यादव, श्यामधर, अली सिद्दीकी, अवधेश दुबे, राजेश शर्मा, घनश्यामदास गुप्ता, रणंजय सिंह, डब्लू सिंह, विनोद यादव, नंदकुमार मौर्या, शिवमंगल बिंद, यशवंत सिंह यादव आदि रहे।