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अब घर-घर होगी कोरोना की जांच, जुटा महकमा

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ज्ञानपुर। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के बीच अब कोरोना की जांच घर-घर होगी। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर तैयारियों को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। गांव में पल्स ऑक्सीमीटर और इन्फ्रारेड थर्मामीटर की खरीद होगी। ये स्वास्थ्य उपकरण ग्राम पंचायत निगरानी समिति के सदस्य यानी आशा कार्यकर्ता के पास रखे जाएंगे। 561 ग्राम पंचायतें इस पर करीब 28 लाख की धनराशि खर्च करेंगी।
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जिले की 561 ग्राम पंचायतों की ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति को हर साल स्वास्थ्य विभाग की ओर से 10-10 हजार रुपये दिए जाते हैं। ग्राम प्रधान और एएनएम के संयुक्त हस्ताक्षर से धनराशि को खर्च की जाती है। कोरोना का खतरा बढ़ने के बाद अब गांव स्तर पर लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग और पल्स जांचने की व्यवस्था होगी। उपकेंद्रों के साथ ही आशाओं को भी थर्मल स्क्रीनिंग मशीन और पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराए गए हैं। सभी ग्राम पंचायतों में एक-एक मशीन रखी जाएगी। जिसे लेकर आशा वर्कर घर-घर जाएगी। मुंबई समेत दूसरे शहरों से आए प्रवासी संग स्थानीय लोगों की भी जांच होगी। इससे थर्मल स्क्रीनिंग और पल्स की जांच के लिए अब लोगों को सीएचसी या पीएचसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों को स्वास्थ्य उपकरण की खरीद के लिए निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरतने वालों पर सख्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि पांच जुलाई से अभियान के तहत गांव में जांच होगी। कहा कि हर गांव में एक थर्मामीटर और एक पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था होगी। स्वास्थ्य विभाग की माने तो दोनों स्वास्थ्य उपकरण की खरीद पर एक ग्राम पंचायत को कम से कम पांच हजार खर्च करने होंगे। इस तरह 561 ग्राम पंचायतों में 28 लाख से अधिक की रकम खर्च होगी।
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दो दिन में उपकरण की व्यवस्था मुश्किल
ज्ञानपुर। ग्राम पंचायतों में कोरोना जांच के लिए स्वास्थ्य उपकरण की खरीद टेढ़ी खीर साबित होगी। पांच जुलाई से जांच शुरू होगी, लेकिन अब तक गिने-चुने गांव को छोड़कर कहीं भी उपकरण की खरीद नहीं हो सकी है। अब देखना है कि पंचायत राज विभाग और स्वास्थ्य विभाग अभियान को किस स्तर तक सफल बना पाएगा।
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