त्योहारों का सीजन अब समाप्त हो गया है। लोकआस्था का महापर्व डाला छठ पूरा होने के बाद अब यूपी-बिहार से बड़ी संख्या में लोग बड़े महानगरों में काम पर लौटने लगे हैं, लेकिन उनकी मुश्किल यह है कि किसी भी ट्रेन में सीट तो छोड़िए, वेटिंग टिकट भी नसीब नहीं हो पा रही है। मुंबई, गुजरात, पुणे, पंजाब, कलकत्ता के महानगरों में जाने वाली ट्रेनों में आगामी दो-दो महीने तक का टिकट उपलब्ध नहीं है। हालांकि दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में कुछ हद तक राहत जरूर है। दिल्ली के लिए भी आने वाले तीन से चार दिनों तक वेटिंग की स्थिति बनी है।
दीपावली और डाला छठ के अवसर पर भारी संख्या में लोग परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए घर आते हैं। किसी तरह धक्का-मुक्की खाकर लोग घर तो पहुंच गए, लेकिन अब वापस लौटने की मारामारी शुरू हो गई है। जिले में दो रूट वाराणसी-जंघई और वाराणसी-प्रयागराज रेलखंड से ट्रेनों का परिचालन होता है। भदोही और गोपीगंज का ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन जनपद के प्रमुख स्टेशन भी हैं। दोनों स्टेशनों की स्थिति ऐसी है कि यहां महानगरों के लिए टिकट मिल पाना मुश्किल साबित हो रहा है। आने वाले दो महीने तक के लिए टिकट बुक हैं।
आईआरसीटी पर मुंबई की ओर से जाने वाली 15018, 11072 तथा 1216 में पूरे नवंबर भर टिकट नहीं हैं। दिल्ली की ओर जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस, केवी एक्सप्रेस, गरीब रथ में भी माह के अंत में टिकट है। देहरादून को जाने वाली जनता एक्सप्रेस में 18 नवंबर की आरएसी टिकट उपलब्ध है।
हावड़ा को जाने वाली साप्ताहिक बीकानेर हावड़ा एक्सप्रेस मे दिसंबर में भी बर्थ नहीं है। वहीं अमृतसर हावड़ा पंजाब मेल नवंबर में टिकट ही नहीं है। जयपुर को जाने वाली साप्ताहिक गाड़ी मरुधर एक्सप्रेस में 28 नवंबर की ट्रेन में आरएसी टिकट मिल रहा है। यहीं हाल ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन से होकर गुजरने वाली ट्रेनों का है।
यात्रियों ने भी बताई अपनी परेशानी
जिले के मर्यादसिंह पट्टी निवासी अशोक ने बताया कि वह दिवाली और छठ पूजा के लिए घर आए थे। उन्हें पुणे जाना है, लेकिन टिकट नहीं मिल पा रही है। ऐसे में काम का नुकसान हो रहा है। अब मजबूरी में बस पकड़कर ही जाना होगा। इसी तरह मवैयाथान सिंह निवासी राजू ने बताया कि वे अमृतसर एक फैक्ट्री में काम करते हैं। त्योहार बीतने के बाद अब काम पर लौटना है, लेकिन ट्रेनों में टिकट हीं नहीं मिल पा रही है।