मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सबीहा खातून की अदालत ने बुधवार को फर्जी दस्तावेज लगाकर बैंक से ऋण प्राप्त करने के दोषी को सात की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
ऊंज थाना क्षेत्र के कलापुर निवासी राजपति ने 1995 में फर्जी दस्तावेज लगाकर बैंक से लोन प्राप्त कर लिया। दस्तावेजों की जांच की गई तो सब फर्जी निकले। इस पर बैंक की ओर से ज्ञानपुर थाने में उनके खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य मामलों में मुकदमा दर्ज कराया गया।
पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सबीहा खातून ने सुनवाई करते हुए आरोपी राजपति को दोषी पाया। कोर्ट ने दोषी को सात साल की सजा सुनाई। वहीं 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।