दीपावली बुधवार को मनाई जाएगी। इसके लिए तैयारियों को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है।
रंग-रोगन से घर चमकने लगे हैं और गांव-गांव लोगों ने साफ-सफाई कर दिवाली की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
बुधवार को गणेश-लक्ष्मी पूजन विधि-विधान से किया जाएगा।
अज्ञान के अंधकार को निर्मूल करने के प्रतीक पर्व दीपावली को लेकर जिले का वातावरण उल्लासपूर्ण हो चला है।
गांव-नगर से लेकर बाजारों तक दिवाली की खुशियां हिलोरे मारने लगी हैं।
दीपावली के निमित्त पखवारेभर से घरों और आसपास साफ-सफाई का काम चल रहा था। मंगलवार तक तमाम मकान और सार्वजनिक स्थान रंग-रोगन कर चमक उठे।
उधर दीपावली के मद्देनजर दो दिन पूर्व से ही तमाम भवनों और सावर्जनिक इमारतों को लाइट-झालर से लकदक सजा दिया गया था। बच्चों में दिवाली को लेकर खास उत्साह दिखा। आतिशबाजी और पटाखे फोड़ने का सिलसिला दो दिन से तेज हो गया है।
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गणेश-लक्ष्मी पूजन के लिए तीन मुहुर्त: पं. दीनानाथ
ज्ञानपुर। दीपावली के दिन बुधवार को गणेश-लक्ष्मी पूजन के लिए तीन मुहुर्त हैं। जानकारों के मुताबिक दोपहर के अलावा गोधुलि बेला में और अर्द्धरात्रि में गणेश-लक्ष्मी पूजन का मुहुर्त है। डुहियां के पं. दीनानाथ शुक्ल के मुताबिक हृषिकेश पंचांग में शाम 5.47 बजे से लेकर 7.43 बजे तक वृष लग्न है। इस दौरान लक्ष्मी पूजन का मुहुर्त है। इसके अलावा अर्द्धरात्रि 12.15 बजे से 2.42 बजे तक सिंह लग्न में भी गणेश लक्ष्मी का पूजन किया जा सकता है। दिन में 1.11 बजे से 2.42 बजे तक कुंभ लग्न में गणेश और कुबेर की पूजा की जा सकती है। श्री शुक्ल ने बताया कि लक्ष्मी पूजन में स्थिर लग्न की प्रधानता होती है। प्रदोष काल का समय दीपावली पूजन के लिए उत्तम रहता है। साथ ही स्वाति नक्षत्र का सुयोग भी श्रेष्ठ है।