सावन के आखिरी सोमवार पर महादेव का जलाभिषेक करने के लिए रविवार को कांवड़ियों का जत्था काशी विश्वनाथ समेत अन्य शिवालयों की ओर निकला। सोमवार को सुबह से ही जिले के 18 शिव मंदिरों में महादेव का रूद्राभिषेक और अनुष्ठान शुरू हो जाएगा।
रविवार सुबह से ही कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की टोलियां वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर नजर आईं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद है। प्रशासन के मुताबिक रविवार को करीब चार हजार कांवड़िये विश्वनाथ धाम के लिए हाईवे से गुजरे।
हाईवे पर हर-हर, बम-बम व बोल-बम हर-हर महादेव का उद्घोष गूंजता रहा। हाईवे पर जगह-जगह लगे शिविरों समाजसेवियों ने कांवड़ियों की सेवा की। हाईवे पर बैरिकेडिंग और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। मंदिरों में महिलाओं, पुरुषों के लिए अलग लाइन होगी। महिला, पुरुष पुलिसकर्मी तैनाती होंगे। हरिहर नाथ मंदिर के गर्भगृह में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
हाईवे के कट पाइंट पर चौकसी, रूट डायवर्ट: कांवड़ियों के हुजूम को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है। प्रयागराज की सीमा ऊंज और वाराणसी की सीमा बाबूसराय के पास पुलिस हर एक आने-जाने वालों पर राहगीरों पर पैनी नजर रख रही है। इसके अलावा 67 कट पाइंट के पास बैरिकेडिंग पर पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। पुलिस ने औराई चौराहा से मिर्जापुर और गोपीगंज के मिर्जापुर तिराहे पर रूट डायवर्ट किया है।