यह पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित प्रख्यात पांडवानी गायिका तीजनबाई का ही कला सौंदर्य था कि स्कूल में मौजूद नई पीढ़ी का हर बच्चा देश की संस्कृति और सभ्यता के संगीतमय वर्णन में रमा नजर आया।
तीजन शनिवार को भदोही स्थित वुडवर्ड पब्लिक स्कूल में पांडवानी गायन प्रस्तुत कर रहीं थीं। इस मौके पर उन्होंने अपने सधे अंदाज में गायन पेश कर दीर्घा में मौजूद लोगों का न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि कर्णधारों के सामने देश की महाभारत की समृद्ध गौरवगाथा सुनाई।
राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के कई पुरस्कारों से नवाजी जा चुकीं तीजनबाई ने अपने गायन के जरिए पांडवानी शैली की पताका विदेशों में भी फहराई है।
उनके साथ हारमोनियम पर तिरेंद्र कुमार, तबला पर केवल देशमुख, ढोलक पर नरोत्तम नेताम, बेंजो पर डालेश्वर निर्मल, डफली पर मनहरण और मंजीरा पर रामचंद्र निषाद ने संगत की।
इससे पूर्व कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्जवलन और मां भगवती के चरण कमलों में पुष्पार्चन के साथ हुआ। पांडवानी गायिका का स्वागत विद्यालय की प्रधानाचार्य शालिनी मेहरा ने किया। स्वागत भाषण विद्यालय के छात्र जय विश्वकर्मा ने किया। इस मौके पर विद्यालय के प्रबंधक पुनीत मेहरा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अध्यापक वीके पांडेय ने किया।