ज्ञानपुर। भदोही ब्लॉक के घसकरी गांव में नौ लाख 40 हजार रुपये के घोटाले में आखिरकार तीन वीडीओ पर गाज गिर गई। बुधवार को जिला विकास अधिकारी ज्ञानप्रकाश ने तीन वीडीओ को निलंबित कर दिया है। मामले में प्रधान मनीष यादव का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार पहले ही सीज हो चुका है।
वहीं, शिकायतकर्ता कमलाकांत दूबे की हत्या के आरोप में वह जेल भी जा चुका है। घोटाले में शामिल तीन ग्राम विकास अधिकारी को प्रशासन ने रिकवरी नोटिस जारी किया था। घसकरी निवासी कमलाकांत दूबे ने कुछ महीने पहले गांव के विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाते हुए डीएम को प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद डीपीआरओ संजय कुमार मिश्रा ने जांच की। इसमें नौ लाख 40 हजार रुपये की घपलेबाजी सामने आई।
जांच में पाया गया कि प्रधान ने अपने भाई, भतीजे और पड़ोसियों के नाम पर मनरेगा का भुगतान किया। रिश्तेदार और घर के सदस्यों के नाम बने फर्म को भुगतान किया। जांच में फर्म को अनियमित तरीके से चार लाख 93 हजार 544 रुपये दिए गए। मनरेगा मजदूरी में तीन लाख 14 हजार 744 और एक लाख 41 हजार 415 सहित नौ लाख 40 हजार 703 रुपये का गबन पाया गया। नवंबर में प्रधान और तीन वीडीओ को रिकवरी की नोटिस जारी किया गया।
सही जवाब नहीं मिलने पर डीएम शैलेष कुमार ने प्रधान के वित्तीय अधिकार को सीज कर दिया था। बीते बुधवार को शिकायतकर्ता कमलाकांत दूबे की कार से कुचलकर हत्या कर दी गई। इसमें ग्राम प्रधान सहित चार आरोपी बनाए गए। प्रधान सहित दो को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
दो ने आत्मसमर्पण कर दिया। अब इस प्रकरण में वीडीओ कौशल, पूजा और रूचि मौर्या के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिला विकास अधिकारी ज्ञानप्रकाश ने तीनों को निलंबित कर दिया है।