भदोही। शहर में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गत माह जिन आठ डाइंग प्लांटों को बंद किया था, उनमें से तीन को बहाल कर दिया गया है। गत 19 दिसंबर को शहर के मोरवा नदी में रासायनिक पानी बहाने की सूचना पर शहर धमके बोर्ड अधिकारियों ने आठ डाइंग प्लांटों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए सील करा दिए थे। उपायुक्त (उद्योग) हरेंद्र प्रताप ने बताया कि तीन डाइंग प्लांटों को चालू करने की अनुमति दे दी गई है।
उपायुक्त ने बताया कि जिन आठ डाइंग प्लाटों को बंद किया गया था, उनमें से तीन के पास ईटीपी व्यवस्था थी। बाकी के पास ईटीपी की व्यवस्था भी नहीं थी। ऐसे में उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रदेश कार्यालय से जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद को तीन की बहाली की अनुमति मिलने के बाद उन्हें बहाल कर दिया गया। यह भी बताया कि सभी डाइंग प्लांटों का पानी सैंपल जांच के लिए नई दिल्ली प्रयोगशाला भेजा गया है। अभी रिपोर्ट नहीं आई है। लेकिन, वरिष्ठ अधिकारियों ने यह कह कर बहाली के आदेश दिए हैं कि रिपोर्ट में खामियां आने पर कार्रवाई की जाएगी।
19 दिसंबर को कार्रवाई के बाद उद्योग जगत में खलबली मच गई थी। एकमा और सीईपीसी के लोगों ने न केवल इस कदम का विरोध किया था, बल्कि उत्पीड़न बताया था। इस क्रम में पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से भी भेंट की थी और लखनऊ में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से समस्या बताते हुए प्लांटों को बहाल करने की मांग की थी। समझा जा रहा है कि इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तीन डाइंग प्लांटों के ताले खोलने के निर्देश दे दिए। उपायुक्त ने बताया कि जिन डाइंग प्लांटों को खोला गया है उनमें रूपेश कुमार एंड ब्रदर्स, भदोही कारपेट्स और दीपक डाइंग हाउस के नाम हैं।