ज्ञानपुर। कोरोना महामारी के बीच जिले में अपराध का ग्राफ बढ़ गया है। पांच दिनों में ताबड़तोड़ तीन हत्याओं ने कालीन नगरी को दहला दिया। जबकि पुलिस बेबस नजर आ रही है। औराई के कंसापुर में भले ही 24 घंटे के अंदर प्रकरण का खुलासा हुआ, लेकिन सेमराध में परवल व्यापारी की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं।
लॉकडाउन के दो चरणों में आपराधिक घटनाएं जैसे नगण्य हो गई थी। जिससे पुलिस राहत महसूस करती दिखी। ज्ञानपुर, गोपीगंज समेत अन्य थानों में सिर्फ वाहनों की चेकिंग तक कामकाज सिमट गया। तीसरा लॉकडाउन शुरू होते ही जिले में तीन लगातार हत्याएं हो गई। पांच मई को महाराजगंज बाजार के पश्चिमी छोर पर बंद पड़े ईट भट्ठे में कंसापुर निवासी किशन उर्फ नानक (22) पुत्र आसाराम हरिजन का शव मिला था, हालांकि इस प्रकरण को 24 घंटे में ही पुलिस ने साल्व कर लिया। वहीं दो दिन पूर्व सेमराध के नगरदह में गाजीपुर के परवल व्यापारी कन्हैयालाल (48) पुत्र चंद्रिका प्रसाद की हत्या कर दी गई। इस प्रकरण में पुलिस, क्राइम ब्रांच के हाथ अभी खास सुराग नहीं लगे हैं। एक युवक को हिरासत में जरूर लिया गया है, लेकिन मुख्य आरोपियों तक पुलिस कब पहुंचेगी यह आने वाला समय बताएगा। शनिवार की रात चकनिरंजन गांव में ओझा की हत्या ने पुलिस की मुश्किल बढ़ा दी है।