भदोही। जिले में मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल स्थित एल-टू कोविड हास्पिटल में मंगलवार को तीन और मरीजों ने दम तोड़ दिया। सोमवार को भी तीन कोविड मरीजों की मौत हो गई थी। डाक्टरों के मुताबिक अस्पताल में हर सुविधा उपलब्ध है, लेकिन जो मरीज समय से आ जा रहे हैं, उन्हें बचा पाना आसान है। जो मरीज देर से पहुंच रहे हैं वह मरीज कोरोना से जंग हार जा रहे हैं। मंगलवार को जिन लोगों की मौत हुई, उनमें दो सुरियावां के तथा एक भदोही ब्लाक के पूरे मुड़िया निवासी मरीज शामिल है।
कोविड हास्पिटल के प्रभारी डा.वीके सिंह ने बताया कि एल-टू गंभीर मरीजों के लिए बनाया गया है। यहां कुल 100 बेड की व्यवस्था है। जिसमें से 10 आईसीयू, 30 एचडीयू (आक्सीजन प्वाइंट लाइन) तथा 60 आइसोलेशन बेड हैं। 22 वेंटिलेटर भी हैं, जिसमें से 18 क्रियाशील हैं। बताया कि हास्पिटल में जो मरीज समय पर आ जा रहे हैं, उनकी देखरेख और उपचार कर पाना आसान है, लेकिन विलंब से आने वाली मरीजों के लिए कोविड की दूसरी लहर घातक साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में 16 मरीज भर्ती हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि घबराहट कोरोना का उपचार नहीं है। घबराने की बजाए लोगों को बचाव के बारे में सोचना चाहिए। यदि लोग अपने अंदर लक्षण पाएं तो जितनी जल्द हो सके जांच कराएं। इससे अच्छा उपचार हो पाएगा।